वर्ष 2015-16 में योजना के तहत जिन 29 गावों का चयन किया गया है, उसमें धनाभाव के चलते विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं।
ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डा. राममनोहर लोहिया के नाम पर लोहिया समग्र योजना के संचालन की घोषणा की थी। योजना के तहत वर्ष 2014-15 में जिले में 29 गावों का चयन किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद बंधी कि उन्हें भी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
विकास कार्यों को लेकर कभी संबंधित अधिकारियों की मनमानी सामने आई, तो कभी कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही। नतीजतन तमाम विकास कार्य अभी भी अधूरे हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते जून माह में शासन को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार इन गावों में मात्र 60.94 प्रशित कार्य ही पूर्ण हो सका है।
यही नहीं, वर्ष 2015-16 में चयनित 29 गावों में धनाभाव के चलते विकास कार्य मौजूदा समय में पूरी तरह ठप पड़े हैं। इसके चलते संबंधित ग्राम पंचायतों में संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण, मार्ग प्रकाश, हैंडपंप, आंगनबाड़ी केंद्र, शौचालय आदि निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सके हैं।
इन ग्राम पंचायतों में पोषण मिशन अन्तर्गत बच्चों को पुष्टाहार, कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके उपचार, बच्चों व गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण व पेंशन जैसी उन्हीं योजनाओं का संचालन हो रहा है, जो सामान्य गावों में संचालित हो रही हैं। अब जबकि नया वित्तीय वर्ष प्रारंभ हुए लगभग चार पूर्ण होने को है, ऐसे में संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रारंभ न होने से ग्रामीणों में शासन प्रशासन के प्रति नाराजगी व्याप्त है।