सेवा योजन विभाग में पंजीयन के लिए आवेदक भारी तादात में ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं लेकिन उनके आवेदनों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। विभाग में संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। विभागीय वेबसाइट पर गत मई से 65 हजार बेरोजगार ऑनलाइन पंजीयन करा चुके हैं, जिसमें अब तक करीब 13 हजार आवेदकों का ही सत्यापन किया जा सका है।
इससे बेरोजगारों के बीच बेचैनी का माहौल है। उनका मानना है कि कहीं सत्यापन के अभाव में कोई मौका उनके हाथ से छूट न जाए। जिले में बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से स्थापित सेवा योजन कार्यालय उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। यहां संसाधनों का अभाव है।
एक कंप्यूटर ही यहां उपलब्ध कराया गया है, जिसके सहारे सत्यापन कार्य होना असंभव साबित हो रहा है। दो कर्मचारियों की भी अतिरिक्त तैनाती की जरूरत बनी हुई है। संसाधनों की कमी के कारण ही पंजीयन के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के फॉर्म का तत्परतापूर्वक सत्यापन नहीं हो सका है।
बीते मई से अब तक लगभग 65 हजार बेरोजगारों ने ऑनलाइन आवेदन किया लेकिन कार्य की सुस्त रफ्तार यह कि अभी तक सिर्फ 13 हजार 500 आवेदकों के फॉर्म का ही सत्यापन हो पाया है। इससे विभिन्न प्रकार की योजनाओं का लाभ पाने की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं की बेचैनी बढ़ने लगी है।
पंजीयन कराने वालों को सरकारी विभागों में रोजगार दिला पाने में भी यह कार्यालय असहाय बना हुआ है। बीते दो वर्षों में सिर्फ तीन बेरोजगारों को सरकारी सेवा करने का मौका मिल सका है। ऐसे में विभाग का लगभग पूरा प्रयास निजी कंपनियों के सहारे रोजगार मेले का आयोजन करने तक सीमित है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में पांच रोजगार मेला लगवाने का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक छह मेले का आयोजन किया जा चुका है। इन मेलों में एक हजार बेरोजगारों ने भाग लिया। इसमें 280 आवेदकों का निजी कंपनियों में चयन किया गया।