अंबेडकरनगर। कटेहरी के बंदनडीह में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को प्रवाचक श्रवण कुमार पांडेय ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म व अद्भुत लीलाओं का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि परमात्मा ही परम तत्व है। जब मन की प्रवृत्ति संसार से हटकर परमात्मा में लगती है, तभी माया का आवरण स्वतः हट जाता है।
प्रवाचक ने कहा कि जैसे आकाश में बादल रहकर भी आकाश को ढक नहीं सकता, वैसे ही संसार की असंख्य लीलाएं और परिवर्तन परमात्मा को प्रभावित नहीं करते। बादल मिट जाए तो भी आकाश मिटता नहीं, उसी प्रकार सृष्टि का लय होने पर भी परमात्मा का अस्तित्व शाश्वत रूप से स्थित रहता है। भगवान संसार में व्याप्त भी हैं और उससे विलग भी। संसार की प्रत्येक वस्तु में परमात्मा की छाया है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में मनुष्य को विकारों से ऊपर उठकर ईश्वर को सर्वत्र अनुभव करना चाहिए। जब मनुष्य यह जान लेता है कि वह परमात्मा से अलग नहीं, उसी का अंश है। तभी जीवन में भय, भ्रम और मोह समाप्त होने लगता है। इस दौरान मुख्य यजमान चंडी प्रसाद, रामा तिवारी, सुभद्रा तिवारी, शिवनारायण, जयनारायण तिवारी, राजीव कुमार व अन्य उपस्थित रहे।