अंबेडकरनगर। चुनावी वायदा पूरा कराने के लिए विकास निधि का इंतजार अब खत्म हो गया है। चुनावी वायदों को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए विधायक विकास निधि में खर्च की बजट राशि पहुंचना शुरू हो गयी है। जिले के निर्वाचित पांच विधायक व एक एमएलसी के खाते में निधि के तहत मिलने वाली नौ करोड़ की धनराशि में से डेढ़ करोड़ की पहली किश्त खाते में पहुंच गयी है। विधायक निधि में पैसा आवंटित होने के बाद डीआरडीए कार्यालय भी सक्रिय हो गया है। इसके चलते ही विभाग की तरफ से विकासपरक कार्यों से जुड़े प्रस्ताव भी संबंधित विधायकों व एमएलसी से मांगे गए हैं। प्रस्ताव मिलने के आधार पर ही निधि की धनराशि को निर्गत कर विकास कार्य संचालित होंगे।
विधानसभा व एमएलसी चुनाव के दौरान निर्वाचित व चुने गए विधायक जीत हासिल करने के बाद से अपने चुनावी वायदों को पूरा कराने के लिए विधायक विकास निधि आवंटित होने का इंतजार कर रहे थे। इसमें सबसे ज्यादा कार्य आवागमन सुविधा सुगम बनाने, स्वास्थ्य व शिक्षा संबंधित सेवाओं को बेहतर बनाने के शामिल थे।
जिले में अकबरपुर, टांडा, कटेहरी जलालपुर व आलापुर पांच विधान सभा और एक एमएलसी क्षेत्र है। विकास कार्यों को बेहतर तरीके से क्रियान्वित कराने के लिए शासन ने पांच विधानसभा क्षेत्रों के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की दर से साढ़े सात करोड़ जबकि एक एमएलसी क्षेत्र के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की राशि संबंधित विधायकों व एमएलसी के निधि खाते में भेज दी गई।
विधायक विकास निधि माननीयों के खाते में पहुंचने से अब क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण के कारण बीते दो साल से विधायक विकास निधि का क्रियान्वयन बंद था। इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ा था। परियोजना निदेशक डीआरडीए राकेश प्रसाद ने बताया कि निधि में पहली किश्त राशि आने के बाद सभी विधायकों व एमएलसी से विधायक निधि से कराए जाने वाले विकास कार्यों के संबंध में प्रस्ताव मांगा गया है। प्रस्ताव मिलते ही कार्यों को करवाने की जरूरी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य पर जोर
अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक रामअचल राजभर ने कहा कि कोविड काल में विधायक विकास निधि की राशि न मिलने के कारण कई क्षतिग्रस्त मार्गों का निर्माण कार्य नहीं हो सका था। अब विधायक विकास निधि का डेढ़ करोड़ खाते में आने से इलाके के लंबित पड़े विकास कार्यों को पूरी प्राथमिकता पर शुरू कराया जाएगा। इसमें क्षतिग्रस्त मार्गों को बेहतर बनाने, नयी सड़के व संपर्क मार्ग बनवाने के साथ ही स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों को वरीयता पर रखा जाएगा।