जिला पंचायत सभागार में बोर्ड बैठक के दौरान जनप्रतिनिधि।
अंबेडकरनगर। जिला पंचायत सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित बोर्ड बैठक की शुरुआत से पहले ही अधिकारियों की लेटलतीफी पर सदस्यों का आक्रोश फूट पड़ा। बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी, लेकिन अधिकारियों के देर से पहुंचने पर सदस्यों ने वॉकआउट की चेतावनी दी। स्थिति को बिगड़ता देख सांसद लालजी वर्मा समेत वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। बैठक करीब एक घंटे की देरी से शुरू हो सकी।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा ने की। एजेंडा प्रस्तुत करते हुए अपर मुख्य अधिकारी जितेंद्र तोमर ने विकास कार्यों पर चर्चा की शुरुआत की। सदस्यों ने खास तौर पर सड़क, बिजली, नहर, स्वास्थ्य और पशुपालन से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता दी। जिपं सदस्य अनीता सिंह ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाली भीटी-हैदरगंज मार्ग की सड़क मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन कार्य अब तक अधर में है। जिपं सदस्य प्रतिमा यादव ने रामपुर मंगुराडिला के मुख्य मार्ग को जर्जर बताते हुए कहा कि इस पर आवागमन कठिन हो गया है। गोपालपुर-टड़वा पहाड़पुर मार्ग पर शारदा सहायक नहर पर बना पुल मात्र तीन फीट चौड़ा है। जिपं सदस्य अश्विनी कुमार ने पशुओं में फैल रहे लंपी रोग की समस्या भी उठाई। जिपं सदस्य अजीत यादव ने रामनगर चौराहे पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण न होने पर प्रश्न खड़ा किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि सभी सदस्यों के प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। विभागीय समन्वय से अन्य समस्याओं का भी समाधान कराया जाएगा। सदस्यों ने कहा कि जिपं की कार्ययोजना में आईजीआरएस से आए प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को स्थान नहीं दिया गया।
-
बैठक में उठी आवाज
नहरों में पानी नहीं, बिजली सप्लाई चरमराई: अकबरपुर विधायक रामअचल राजभर ने कहा कि 27 अगस्त की दिशा बैठक में भी नहरों में पानी की समस्या उठाई गई थी, लेकिन अफसरों ने अब तक कोई हल नहीं निकाला। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि आईजीआरएस के माध्यम से आए प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल किया गया, जबकि जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की अनदेखी की गई।
8 करोड़ से सुधरेंगी 74 सड़कें: जिले की 74 जर्जर सड़कों के कायाकल्प का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इन कार्यों पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण व शहरी मार्गों की दशा सुधरेगी।
लाइसेंस शुल्क बढ़ाने पर नहीं बन सका निर्णय: जिला पंचायत के पंजीकृत ठेकेदारों से वसूले जाने वाले लाइसेंस शुल्क की नवीन उपविधियों पर चर्चा हुई। प्रस्ताव में शुल्क संरचना को वर्तमान जरूरतों के मुताबिक अद्यतन करने की बात रखी गई थी, लेकिन सर्वसम्मति नहीं बनने के कारण निर्णय टल गया।