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काम हो यह जरूरी नहीं, घंटों लाइन में लगना मजबूरी

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अंबेडकरनगर। जिले में काम कराने के लिए सरकारी दफ्तरों में जाने वालों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लापरवाही की वजह से इन लोगों को घंटों लाइन में तो लगना पड़ता है, लेकिन जरूरी नहीं कि फिर भी काम हो। कहीं, पर्याप्त संख्या में काउंटर नहीं हैं तो कहीं इंटरनेट सेवा संबंधी व अन्य बाधाओं के चलते लोगों को निराश होना पड़ता है। लंबी-लंबी लाइनों में लगने के बावजूद जरूरी नहीं कि काम हो। सबसे बुरा हाल तो आधार कार्ड के लिए बनाए गए काउंटरों का है। यहां तो हर दिन का कोटा निर्धारित है। शासन-प्रशासन के सामने समय समय पर उठाई जाने वाली आवाजें भी अनसुनी की जा रही हैं। नतीजा यह है कि आम आदमी अपने काम को लेकर हर दिन परेशान हो रहा है। अमर उजाला ने शनिवार को कुछ कार्यालयों का जायजा लिया तो तस्वीर कुछ इस तरह उभरकर सामने आई।
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अकबरपुर बसखारी मार्ग स्थित एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए हर दिन लोगों की लंबी लाइन लग रही है। लोगों का कहना है कि यहां काउंटर कम हैं व नेटवर्क की भी दिक्कत रहती है। कुछ लोग तो ऐसे हैं जो ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दो से तीन बार कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं। बेवाना से आए रामचंद्र ने कहा कि वह तीसरी बार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए यहां आया है। देखें आज बनता है या नहीं। कटेहरी के श्यामसुंदर व अकबरपुर के लालजी ने कहा कि अब तो ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना भी मुश्किल हो गया है। इसके लिए बार बार कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अकबरपुर नगर के मध्य स्थित प्रधान डाकघर में भोर से ही लोगों की लंबी लाइन आसानी से देखी जा सकती है। दरअसल यह लाइन किसी नौकरी के लिए आवेदन फार्म जमा करने के लिए नहीं, बल्कि आधार कार्ड बनवाने के लिए लगती है। प्रतिदिन लगभग 15 आधार कार्ड बनने के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग लाइन में खड़े हो जाते हैं। आलम यह है कि कुद लोग तो रात में डाकघर के पास ही सोते भी हैं। भोर होते ही वे लाइन में लग जाते हैं, जिससे उनका आधार कार्ड बन सके। जलालपुर से आए शिवकुमार व बसखारी के रतिपाल ने कहा कि वह बीते एक सप्ताह से लगातार लाइन में लग रहे हैं। जब तक उनका नंबर आता है, तब तक कार्ड का बनना बंद हो जाता है। इल्तिफातगंज की हसीना बेगम ने कहा कि वे तीसरी बार लाइन में लगी हैं। देखें आज बन पाता है या नहीं।
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यदि ट्रेन से यात्रा करने के लिए टिकट का आरक्षित कराना है, तो तड़के ही आरक्षण खिड़की पर लाइन में लगना पड़ेगा। इसके बाद भी टिकट मिल सकेगा या नहीं, कोई गारंटी नहीं है। बीते लंबे समय से अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षण खिड़की पर प्रतिदिन यात्रियों को लंबी लाइन लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। मुंबई के लिए टिकट का आरक्षण कराने के लिए पहुंचे मुमताज व गुड्डू ने कहा कि वे तीन दिन से लाइन में लग रहे हैं। जब तक उनका नंबर आता है, तब तक खिड़की बंद हो जाती है। सूरत के लिए टिकट आरक्षित कराने पहुंचे जलालपुर के राजेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों का समूह है, जो सांठगांठ कर पहले से ही आरक्षित टिकट ले लेते हैं। ऐसे में लाइन में लगे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
चिकित्सक से इलाज के लिए मरीजों व उनके तीमारदारों को पर्ची बनाने के लिए खिड़की पर लंबी लाइन लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। खिड़की की संख्या बढ़ाए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। शनिवार को भी लंबी लाइन खिड़की पर दिखी। तीमारदार सुनील कुमार व राधेश्याम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा धकि जब तक खिड़की की संख्या बढ़ाई नहीं जाती है, तब तक लंबी लाइन से राहत मिलने वाली नहीं है। महिला मरीज शिवकुमारी व रेहाना ने कहा कि प्रतिदिन मरीजों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इससे राहत दिलाने के लिए अस्पताल प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए।
दूर करायी जाएगी असुविधा
आम लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा प्रदान करने के लिए शासन बचनबद्घ है। इसके प्रयास प्रतिदिन किए जा रहे हैं। आगे यह भी तय होगा कि जहां पर उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा हो वहां पर वैकल्पिक प्रबंध लागू किए जाएं।
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अमरनाथ राय एडीएम
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