मनमाने ढंग से अनुपस्थित करने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
टांडा(अंबेडकरनगर)। महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में सोमवार को ड्यूटी से अनुपस्थित किए जाने पर स्टाफ नर्स भड़क गईं। एकजुट होकर उन्होंने कार्य बहिष्कार करते हुए प्राचार्य के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। कहा कि ज्यादातर वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी को लेकर मनमानी करते हैं लेकिन उनकी जांच नहीं होती।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह आठ बजे के बाद उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब प्राचार्य डॉ. अमीरुल हसन ने कई स्टाफ नर्स को ड्यूटी से अनुपस्थित कर दिया। हुआ यह कि वह राउंड पर निकले थे। मैट्रन ऑफिस में रखे रजिस्टर के अनुसार कई नर्स ड्यूटी पर नहीं थीं। उन्हें अनुपस्थित किए जाने के बाद स्टाफ नर्सों में आक्रोश फैल गया।
एकजुट हुई स्टाफ नर्सों ने कार्य बहिष्कार करते हुए प्राचार्य के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। कहा कि एक शिफ्ट की ड्यूटी सुबह आठ बजे से शुरू होती है लेकिन प्राचार्य आठ बजे के पहले ही वहां पहुंच गए और इसके बाद अनुपस्थित कर दिया। आक्रोशित स्टाफ नर्सों ने कहा कि पद के सापेक्ष तैनाती न होने से उन सबको अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है। इसके बावजूद यहां उत्पीड़न किया जा रहा है।
प्रदर्शन की खबर मिलते ही प्राचार्य नर्सों के बीच पहुंचे। वहां नर्सों ने उनसे भी खुलकर नाराजगी जताई। नर्सों ने प्राचार्य से अपने गुस्से का इजहार किया। इसके बाद समझा बुझाकर नर्सों को शांत कराया गया। इससे लगभग एक घंटे तक वहां हंगामे का माहौल रहा। प्राचार्य ने कहा कि किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि चिकित्सक भी विलंब से आते हैं तो उनकी भी जांच होगी।
नर्सों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहीं नर्सों ने कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि अस्पताल में सीनियर चिकित्सक कभी भी समय से ओपीडी में नहीं आते। उन्हें चेक नहीं किया जाता। ऐसे कई चिकित्सक जब भी मन होता है तब अस्पताल से चले जाते हैं। इसके अलावा ठेके पर जो कर्मी रखे गए हैं उनकी किसी तरह की जांच नहीं होती। संबंधित एजेंसी से खास लगाव के चलते ही उन्हें हर तरह की छूट दी जाती है, जबकि नर्सों से उनकी जिम्मेदारी से अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है। नर्सों ने कहा कि जिनसे आर्थिक फायदा है उन पर कार्रवाई नहीं की जाती।