चेतावनी दी गई कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि बीते दो सितंबर को प्रबंधक की कन्ट्रैक्टर व उसके साथियों द्वारा पिटाई करके जान से मारने की धमकी दी गई।
इसकी सूचना एनटीपीसी प्रबंधन को दी गई लेकिन प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की गई। महामंत्री कमल शंकर उपाध्याय ने कहा कि ठेकेदार और उसके साथियों द्वारा की गई पिटाई जैसे गंभीर मामले पर एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा चुप्पी साधना निंदनीय है। वक्ताओं ने कहा कि यह रवैया बर्दाश्त नहीं होगा।
प्रदर्शन में एनटीपीसी कर्मचारियों द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि बुधवार तक एनटीपीसी प्रबंधन ठेकेदार को हटाकर उसके विरुद्घ मुकदमा दर्ज नहीं कराता है तो एनटीपीसी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। प्रदर्शन को जीबी सिंह, श्रीराम वर्मा, श्यामजीत यादव, लालजी व दिनेश आदि मौजूद रहे।