अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी कोयला लदी मालगाड़ी।
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एनटीपीसी थर्मल पावर प्रोजेक्ट प्रशासन ने स्टॉक अधिक होने के कारण कोयले की रैक का प्रवेश परिसर में रोक दिया। इससे तीन मालगाड़ियां एनटीपीसी के टांडा व अकबरपुर में चार दिन तक खड़ी रहीं। मंगलवार दोपहर बाद से एक एक मालगाड़ी का प्रवेश शुरू हो पाया।
टांडा रेलवे स्टेशन अधीक्षक सत्यनरायन सिंह ने बताया कि एनटीपीसी में कोयले की स्टॉक क्षमता 10 मीटर ऊंचाई तक होनी चाहिए, जो मौजूदा समय में 20 मीटर पहुंच गई है। परिसर में कोयला रखने की जगह नहीं है। इससे बीते 1 अप्रैल से 58 डिब्बों में लदा कोयला रेलवे स्टेशन पर खड़ा है।
इसके अलावा अकबरपुर रेलवे स्टेशन व एनटीपीसी गेट के निकट भी 58-58 डिब्बों की मालगाड़ियां कोयला लेकर खड़ी रहीं। जगह न होने के कारण एनटीपीसी प्रशासन मालगाड़ियों के प्रवेश को अनुमति नहीं दे रहा है। सूत्रों के अनुसार टांडा इकाई में प्रति माह 40 से 45 मालगाड़ी कोयला खपत करने की क्षमता है।
बताया जाता है कि कोयला आपूर्ति करने वाली कंपनियों को ई मेल के माध्यम से आपूर्ति बंद करने को कहा गया, लेकिन आपूर्ति बंद नहीं की गई। यह भी बताया जाता है कि इस बीच एनटीपीसी में कोयले की खपत कुछ कम हुई है, क्योंकि कोई एक इकाई ठीक से काम नहीं कर रही है।
स्टेशन अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद एक मालगाड़ी का प्रवेश हुआ है। उसे अनलोड कर दिया गया है। दूसरी गाड़ी भी भेजी जा रही है। अकबरपुर में जो मालगाड़ी खड़ी है, उसके लिए इंजन की व्यवस्था कराई जा रही है।
उधर एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि वे अवकाश पर हैं। उनसे अधिकारियों से बात कर जानकारी देने को कहा गया, तो उन्होंने बताया कि कोई अधिकारी फोन नहीं उठा रहा।