अंबेडकरनगर। दिल्ली कोचिंग संस्थान में हादसे के बाद जिले में अवैध कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। इसे लेकर चले अभियान के तहत एक दर्जन से अधिक सेंटरों पर कार्यवाही होना तय है। इन सभी को विभाग की तरफ से नोटिस जारी किया जा रहा है ।
शिक्षा विभाग की तमाम बंदिशों के बावजूद गली-मोहल्लों में कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी चल रही हैं। विभाग के अनुसार जनपद में सिर्फ 98 कोचिंग सेंटरों का पंजीयन हुआ है। वहीं संख्या इससे कई गुना ज्यादा है। बीते दिन हुए निरीक्षण में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों में कई के पास सुरक्षा के कोई भी मानक नहीं मिले। जबकि सरकार ने कोचिंग सेंटरों के लिए मानकों के साथ पंजीकरण अनिवार्य किया है। छात्र संख्या के आधार पर शुल्क जमा करना होता है, ऐसा न करने वालों पर एक लाख के जुर्माने का भी प्राविधान है।
बीते दिनों जिलाधिकारी के निर्देश पर डीआईओएस द्वारा नामित नोडल अधिकारी की टीम ने अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे सेंटरों का निरीक्षण किया तो एक दर्जन से अधिक कोंचिंग सेंटर अवैध रूप से चलते मिले। इनमें कुछ के पंजीयन लंबे समय से समाप्त चल रहे हैं तो कुछ सेंटर विधिवत विद्यालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। अब तक निरीक्षण में अवैध मिले कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई के लिए नोटिस भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू का दी है ।
होनी चाहिए यह सुविधा
किसी भी कोचिंग का संचालन स्कूल समय पर नहीं होना चाहिए। कोचिंग सेंटर स्नातक से कम योग्यता का शिक्षक नहीं रख सकता। पेयजल, अग्निश्मन यंत्र, हवादार हाॅल, पार्किंग व शौचालय की सुविधा होनी चहिए। पंजीयन समाप्ति के दो माह पहले ही नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
12 सेंटर मिले हैं अवैध
अवैध कोंचिंग सेंटरों के विरुद्ध जिलाधिकारी के निर्देश पर चल रहे अभियान में अब तक लगभग एक दर्जन अवैध सेंटर पाए गए हैं। उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। -
गिरीश कुमार सिंह, डीआईओएस