आरोप है कि उपभोग प्रमाणपत्र संबंधित विभाग को उपलब्ध नहीं कराए जाने की वजह से नए वित्तीय वर्ष में जिले को मिली छह करोड़ की धनराशि विकास खण्डों में वितरित नहीं की जा सकी। डीपीआरओ ने कहा है कि कहा कि यदि शीघ्र ही प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गए तो इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी>
जानकारी के मुताबिक जिले के चार विकास खडों कटेहरी, भीटी, जहांगीरगंज व टांडा आंशिक को वर्ष 2014-15 में राज्य वित्त एवं 13वां वित्त के तहत मिली 61-61 लाख रुपये की धनराशि विकास कार्यों के लिए आवंटित का गई थी। इसका उपभोग प्रमाणपत्र पांच माह बाद भी संबंधित विभाग को उपलब्ध नहीं कराया जा सका है।
नतीजतन नए वित्तीय वर्ष में योजना के तहत जिले को मिली 6 करोड़ रुपये की धनराशि विकास खंडों में वितरित नहीं की जा सकी है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित चल रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने संबंधित विकास खंडों के एडीओ पंचायत को नोटिस जारी किया है।
इस धनराशि से ग्राम पंचायतों में नाली निर्माण, खड़ंजा निर्माण, मार्ग प्रकाश, तालाबों के सुंदरीकरण, कुओं का जीर्णोद्धार सहित तमाम विकास कार्य कराए जाने थे। यह धनराशि सभी नौ विकास खंडों अकबरपुर, कटेहरी, बसखारी, टांडा, रामनगर, भीटी, जहांगीरगंज, जलालपुर व भियांव को उपलब्ध कराई गई थी।
वित्तीय वर्ष समाप्त हुए पांच माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अब तक कटेहरी, भीटी, जहांगीरगंज व टांडा आंशिक द्वारा प्राप्त धनराशि का उपभोग प्रमाणपत्र संबंधित विभाग को उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। इसके चलते वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए सभी ब्लाकों में विकास कार्यों के लिए जिले को जुलाई में मिली 6 करोड़ रुपये की धनराशि को ब्लाकों में वितरित नहीं किया जा सका।