अंबेडकरनगर। विकास कार्यों में शिथिलता बरतने वाले 28 ग्राम पंचायतों के सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने इन सचिवों को नोटिस जारी कर 28 फरवरी तक सभी जरूरी काम पूरा कर लिए जाने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित तिथि तक सभी काम नहीं कराए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2022-23 में शासन से जिले की 28 ग्राम पंचायतों को मॉडल गांव के रूप में चयनित किया गया था। इन ग्राम पंचायतों में मार्ग निर्माण, पेयजल, प्रकाश व शौचालय की व्यवस्था कराने के साथ जलभराव की समस्या दूर करना है।
योजना के तहत जिन गांवों का चयन किया गया है, उनमें अजमेरी बादशाहपुर, भिदूर, हंसवर, मुंडेरा, समडीह सराय, प्रतापपुर चमुर्खा, औरंगनगर, यरकी, मरहरा, भियांव, रामगढ़, रतना, भीटी, संदहां मजगवां, मूसेपुर कला, रामनगर महुवर, गौरा महमदपुर, सम्मनपुर, मंगुराडिला, बड़ागांव, मालीपुर, नगपुर, सोनगांव, ताराखुद, बेवाना, आसोपुर, चिंतौरा व खासपुर शामिल हैं।
शुरुआती दौर से ही मॉडल गांवों में विकास कार्यों को लेकर संबंधित सचिव लापरवाही बरत रहे थे। इस संबंध में डीपीआरओ कार्यालय द्वारा कई बार दिशा-निर्देश भी दिए गए लेकिन इसके बाद भी विकास कार्यों में गति नहीं आई। लगभग एक पखवाड़ा पहले काम में शिथिलता बरतने वाले नौ सचिवों को नोटिस जारी किया गया था।
एक दिन पहले समीक्षा में पाया गया कि अब भी कार्य गति नहीं पकड़ रहा है। इस पर एक बार फिर से सभी 28 गांवों के सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें 28 फरवरी तक विकास कार्य पूरे कर लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
28 फरवरी तक मॉडल गांवों में सभी जरूरी काम पूरा कराए जाने के निर्देश सचिवों को दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में काम पूरे नहीं किए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
-अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ