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Ambedkar Nagar News: अत्याधुनिक एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड ही नहीं

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विद्युतनगर/ बसखारी (अंबेडकरनगर)। टांडा नगर में अत्याधुनिक मातृ-शिशु विंग का संचालन तो कर दिया गया लेकिन महिलाओं के अल्ट्रासाउंड जांच की सुध नहीं है। इस अस्पताल को अल्ट्रासाउंड मशीन ही उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में महिलाओं को परिसर स्थित सीएचसी जाना पड़ता है। वहां भी मशीन तो है लेकिन रोज जांच नहीं होती। ऐसे में महिलाओं को निजी केंद्र जाना पड़ता है, जहां चार सौ से सात सौ रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ती है।
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मातृ-शिशु विंग में प्रतिदिन ... मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, जिनमें अधिकतर गर्भवती महिलाएं होती हैं। ऐसे में इनमें ... गर्भवती को अल्ट्रासाउंड जांच की जरूरत होती है। जांच न हो पाने से महिलाओं को निजी केंद्रों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसी तहसील क्षेत्र के बसखारी सीएचसी में एक्सरे फिल्म का संकट बना हुआ है। मरीजों को अक्सर निजी केंद्र या फिर जिला अस्पताल का सहारा लेने को विवश होना पड़ता है। टांडा मातृ-शिशु विंग में लगे हेल्थ एटीएम का लाभ मरीजों को महज इसलिए नहीं मिल पा रहा क्योंकि किट ही उपलब्ध नहीं है।

लंबे इंतजार के बाद पहुंचीं सिर्फ 50 फिल्में
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी में एक्सरे जांच का लाभ मरीजों को ठीक से नहीं मिल पा रहा है। करीब दो माह से अस्पताल में फिल्म का संकट है। लंबे इंतजार के बाद बुधवार को सिर्फ चेस्ट एक्सरे के लिए 50 फिल्में पहुंची हैं। यह बमुश्किल से दो से तीन दिन ही चल पाएंगी। 400 से अधिक ओपीडी करने वाले इस अस्पताल में प्रतिदिन 40 से अधिक मरीजों को अलग-अलग तरह के एक्सरे की जरूरत पड़ती है। इसके चलते मरीज या तो 25 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय का चक्कर लगाएं या फिर बाजार में 400 से 500 रुपये खर्च कर जांच कराएं। प्रयोगशाला से टाइफाॅइड किट भी करीब एक माह से गायब है। इससे भी मरीजों को मुश्किल हो रही है। अल्ट्रासाउंड, थायराइड, किडनी, लिवर आदि की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं है।
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टांडा सीएचसी में कई जांचें नहीं
टांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को लिवर, किडनी व थायराइड जांच का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज या फिर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। अल्ट्रासाउंड जांच यहां माह में चार दिन होती है। ऐसे में मरीजों को आगे की तिथि दे दी जाती है। कई बार इस जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड जांच मशीन न होने के चलते लोगों को सीएचसी भी दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ता है।



किट के बिना शोपीस बना हेल्थ एटीएम
मातृ शिशु विंग टांडा में मरीजों को त्वरित जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीते दिनों हेल्थ एटीएम की स्थापना हुई थी। मरीजों को इसका लाभ भी मिला। हालांकि पिछले कई दिनों से यहां किट उपलब्ध न होने की वजह से सभी तरह की जांच ठप है। नतीजा यह है कि जिस उद्देश्य को लेकर हेल्थ एटीएम स्थापित किया गया था वह तार-तार हो रहा है। स्थानीय लोगों ने अविलंब किट की उपलब्धता कराकर हेल्थ एटीएम का संचालन शुरू कराए जाने की मांग की है।

कराए जाएंगे जरूरी प्रबंध
सभी तरह की किट सीएचसी व पीएचसी को उपलब्ध कराई जा रही है। सभी प्रमुख जांच सुचारु ढंग से होगी। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ
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