इसके
बावजूद जिले में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। लापरवाही के चलते
फर्रुखाबाद, लखनऊ या आगरा जैसी घटनाओं का दोहराव इस जिले में भी हो सकता
है।
रविवार को जब अमर उजाला की टीम ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर
सुरक्षा व्यवस्था का हाल देखा तो वहां पर कोई भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं
मिला। यही नहीं कही चेंकिग अभियान भी नहीं चलाया गया।
हर
समय भीड़ भाड़ वाली जगह बस अड्डे पर पुलिस का अता पता नहीं रहता है।
रविवार की दोपहर 1 बजकर 16 मिनट पर जब यहां का नजारा देखा गया तो यहां
यात्रियों का आना जाना लगा था।
कई जगहों पर लावारिस जैसे बैग, झोला आदि रखे
पर इनकी जांच पड़ताल करने वाला कोई भी पुलिस कर्मी यहां पर नहीं दिखा।
जबकि यहां से चंद कदमों की दूरी पर ही सिविल लाइन पुलिस चौकी स्थित है।
शहर
के मुख्य बाजार कहे जाने वाले धनोखर चौराहे पर भी सुरक्षा व्यवस्था का कोई
इंतजाम नहीं किया गया है। रविवार को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर जब सुरक्षा
व्यवस्था का हाल देखा गया तो यहां स्थित हनुमान मंदिर के आस पास से लेकर
अन्य कहीं भी पुलिस कर्मी नजर नहीं आए। जबकि यहां पर हर समय पुलिस की
तैनाती करने का आदेश है।
शहर के
बीचो-बीच स्थित घंटाघर के आस पास सोने चांदी से लेकर कपड़ों का बाजार होने
के चलते यहां पर दिन भर लोगों की भीड़ लगी रहती है। यहां पर भी सुरक्षा का
हाल बहुत ही खराब है।
रविवार को दोपहर करीब 12.30 बजे जब घंटाघर के आस पास
सुरक्षा का हाल देखा गया तो वहां पर कोई भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं मिला।
जबकि अफसर पूरे शहर में सख्त सुरक्षा के इंतजाम व सघन चेंकिग करवाने का
दावा कर रहे है।