अंबेडकरनगर के हाजीपुर प्राथमिक विद्यालय में नहीं लिखे गए हैं जागरूकता के स्लोगन और न ही राष्ट्रीय ध्वज की हुई है पेंटिंग।
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नए शिक्षासत्र के तहत 1 अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो रहा है। परिषदीय विद्यालयों की तरफ छात्र-छात्राओं का आकर्षण बढ़े, इसके लिए शिक्षा विभाग ने आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं।
इन सबके बीच शासन के निर्देशानुसार परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में देशप्रेम की भावना और मजबूत करने के लिए स्कूल के मुख्य गेट से लेकर शिक्षण कक्ष की दीवारों पर देशभक्ति स्लोगन लिखे जाने एवं राष्ट्रीय ध्वज बनाए जाने की योजना का जिले में पूर्णत: पालन अब तक नहीं हो सका है।
अब जबकि नया शिक्षासत्र प्रारंभ होने में मात्र तीन दिन का समय ही शेष बचा रह गया है तो ऐसे में सभी विद्यालयों में निर्देश का शत-प्रतिशत पालन हो सकेगा, इसकी संभावना कम ही है। बच्चों में देश के प्रति प्रेम की भावना और भी मजबूत हो और उनमें शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी आएं, इसके लिए परिषदीय विद्यालयों के मुख्य गेट से लेकर शिक्षण कक्ष की दीवारों तक जगह-जगह प्रेरणादायक व देशप्रेम के रस में डूबे स्लोगन लिखे जाने एवं राष्ट्रीय ध्वज दीवारों पर पेंट किए जाने का शासन ने निर्देश दे रखा है।
1 अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों में नया शिक्षासत्र प्रारंभ हो रहा है। इससे पहले ही सभी विद्यालयों में इस प्रकार के स्लोगन लिखे जाने के निर्देश हैं। हालांकि जिले में कुल एक हजार 352 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शासन के निर्देशानुसार अब तक सभी विद्यालयों में इस प्रकार के स्लोगन दीवारों पर नहीं लिखे जा सके हैं। इतना ही नहीं राष्ट्रीय ध्वज भी दीवारों पर नहीं बनाए जा सके हैं।
कहीं देशभक्ति से संबंधित स्लोगन लिखे गए हैं, तो राष्ट्रीय ध्वज नहीं बनाए गए हैं। कुछ विद्यालयों में राष्ट्रगान लिखे गए हैं तो कुछ में न तो स्लोगन लिखे गए और न ही राष्ट्रीय ध्वज ही बनाए गए हैं। भीटी स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो वर्ष पूर्व विद्यालय में रंग-रोगन किया गया था। उसी दौरान कुछ स्लोगन लिखे गए थे। इस बार अब तक ऐसा कुछ नहीं किया जा सका है। सोमवार को अमर उजाला टीम ने विभिन्न विद्यालयों का जायजा लिया तो कुछ इस प्रकार का दृश्य देखने को मिला।