जिला अस्पताल और सभी 10 सीएचसी में लगभग एक साल से आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी दवाएं नहीं हैं। आयुष के चिकित्सक मरीजों को एलोपैथिक या फिर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।
आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक उपचार को बढ़ावा देने के लिए जिला अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष विंग स्थापित की गई है। दवाएं उपलब्ध रहने पर आयुष की ओपीडी में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों की संख्या ठीक-ठाक रहती थी। लेकिन पिछले लगभग एक साल से किसी भी आयुष विंग में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी दवाएं नहीं हैं। कई बार पत्राचार करने के बावजूद उच्चाधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
चिकित्सकों के स्वीकृत पद 15, तैनाती सिर्फ आठ की
एलोपैथिक अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों के स्वीकृत पद 15 हैं। इनमें से सिर्फ आठ डॉक्टरों की ही तैनाती की गई है। इनमें से अकबरपुर के जमुनीपुर, सिकंदरपुर व ताराखुर्द, जहांगीरगंज में कम्हरिया घाट, टांडा पीएचसी और भियांव में बंदीपुर, कटेहरी में अशरफपुर बरवां व नासिरपुर में चिकित्सक तैनात हैं।
मिल 17 लाख, जल्द उपलब्ध होंगी दवाएं
आयुष विंग के लिए दवाओं की खरीद होनी है। इसके लिए शासन से 17 लाख रुपये मिल गए हैं। जल्द ही जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में दवाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। आयुष चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है। -
डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी