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Ambedkar Nagar News: एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से योजनाओं की रिपोर्टिंग ठप

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सीएमओ कार्यालय में बृहस्पतिवार को दोपहर तक बंद रहा नगरीय स्वास्थ्य केंद्र संचालन का कक्ष। संवाद
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अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ विभागीय कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। अस्पतालों में ओपीडी का संचालन मैनुअल तरीके से हो रहा है, लेकिन ऑनलाइन पंजीकरण, टेली-कंसल्टेशन और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की रिपोर्टिंग ठप पड़ गई है। इससे योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और समय से रिपोर्ट तैयार करने में दिक्कत आ रही है। इसका असर जिले की आगामी रैंकिंग पर भी पड़ सकता है।
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एनएचएम कर्मचारी समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण, वेतन विसंगतियां दूर करने और कैशलेस इलाज जैसी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के 13 अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार, जिले के सभी नौ ब्लॉकों में ई-सुश्रुत पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण शून्य रहा। ई-संजीवनी टेली-कंसल्टेशन के तहत भी किसी ब्लॉक में परामर्श दर्ज नहीं हुआ।
हालांकि, अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए पहुंचते रहे। टांडा में 638, रामनगर में 533, अकबरपुर में 409, बसखारी में 375, कटेहरी में 369, जहांगीरगंज में 356, जलालपुर में 310, भियांव में 201 और भीटी में 131 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया।
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टीकाकरण और जांच की रिपोर्टिंग प्रभावित
हड़ताल का असर टीकाकरण, टीबी स्क्रीनिंग और गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की रिपोर्टिंग पर भी पड़ा है। टीकाकरण पोर्टल पर जलालपुर, भीटी, भियांव, कटेहरी और रामनगर में आंकड़े शून्य दर्ज हुए। वहीं, अकबरपुर में 32 और टांडा में 44 प्रविष्टियां दर्ज की गईं। जलालपुर, भीटी और जहांगीरगंज में टीबी स्क्रीनिंग के आंकड़े भी शून्य रहे। अकबरपुर, टांडा, जलालपुर और भीटी में ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और प्रसव पूर्व जांच की प्रविष्टियां दर्ज नहीं हुईं।
एनएचएम कर्मियों की अनुपस्थिति से एनसीडी, ई-संजीवनी, ई-कवच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) और टीकाकरण समेत कई कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग प्रभावित हो रही है। समय से आंकड़े उपलब्ध नहीं होने पर विभागीय समीक्षा और योजनाओं की निगरानी में परेशानी बढ़ सकती है।
एक से 31 अक्तूबर तक चल रहे संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान पर भी हड़ताल का असर पड़ने की आशंका है। घर-घर जागरूकता, रोगों के लक्षणों की पहचान, सूचनाओं के संकलन और पोर्टल पर रिपोर्टिंग में बाधा आ रही है।
काम पर लौटने के निर्देश
सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि कर्मचारियों को काम पर लौटने के निर्देश दिए जा रहे हैं। रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी सीएचसी अधीक्षकों को भी निर्देशित किया गया है। इसके बाद भी काम पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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