उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव में स्मार्ट कक्षा में पढ़ाई करते विद्यार्थी
अंबेडकरनगर। जिले के 1072 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। 26 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सामुदायिक सहभागिता (सीएसआर) फंड से विद्यालयों की सूरत बदलने की तैयारी है। एनटीपीसी संस्था की मदद से इन सभी विद्यालयों के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक से पढ़ाने करने का मौका मिलेगा।
स्मार्ट क्लास रूम में विद्यार्थियों की अध्ययन सामग्री कंप्यूटर में सेव रहेगी। कोर्स भी कंप्यूटर में अपलोड रहेगा। विद्यार्थियों की समय-समय पर ऑनलाइन परीक्षा भी ली जाएगी। स्कूलों में कंप्यूटर, लैपटॉप व प्रोजेक्टर जैसे उपकरणों से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। इससे उनकी पढ़ाई का स्तर भी ऊंचा होगा। स्मार्ट क्लास में पारंपरिक कक्षा की तुलना में अधिक प्रभावशाली और आकर्षक शिक्षण अनुभव मिलता है। इसमें डिजिटल तकनीक जैसे कि कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, आकर्षक व्हाइटबोर्ड और मल्टीमीडिया सामग्री का उपयोग किया जाता है। ऐसी कक्षाओं में छात्रों को आकर्षित करने व उन्हें व्यस्त रखने के लिए वीडियो और ऑडियो जैसी डिजिटल शिक्षण विधियों का उपयोग किया जाता है। (संवाद)
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519 विद्यालयों में चल रहे स्मार्ट क्लास
जिले में 1591 स्कूलों का संचालन हो रहा है, जिसमें 1063 प्राथमिक, 520 उच्च प्राथमिक व आठ कस्तूरबा विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में एक लाख 43 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। मौजूदा समय में 519 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं चल रही हैं। इनमें 272 बेसिक परियोजना व 237 ग्राम पंचायत की ओर से आच्छादित हैं। इन विद्यालयों में 43 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ाया जा रहा है।
स्मार्ट रूम से पढ़ाई कराने की तैयारी
विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए जनपद के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम से पढ़ाई कराने की तैयारी की जा रही है। डीएम अनुपम शुक्ला की पहल पर परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनाने की तैयारी की जा रही है।
- प्रवीण कुमार तिवारी,प्रभारी बीएसए