राजनीति में चरखा दांव के उस्ताद माने जाने वाले नेताजी का पहलवानी से हमेशा ही विशेष लगाव रहा। अपने कुश्ती प्रेम के चलते ही मुलायम सिंह यादव ने जिले के दो पहलवानों को कुश्ती के अखाड़े से उठाकर विधान सभा तक पहुंचा दिया था। नेताजी की कृपा से ही जलालपुर उपचुनाव में पहलवान सुभाष राय तो टांडा से पहलवान अजीमुल हक सपा के टिकट पर विधायक बने।
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को पहलवानी का काफी शौक था। उन्हें कुश्ती के कई प्रमुख दांव अच्छे से आते थे। इसमें उनका चरखा दांव अखाड़े से लेकर सियासत तक में काफी मशहूर रहा। कुश्ती और पहलवानों के साथ उनका लगाव हमेशा जगजाहिर रहा। नेताजी के इसी पहलवान प्रेम ने जिले के दो पहलवानों को अखाड़े से बाहर निकाल कर माननीय का दर्जा दिला दिया। इसमें टांडा के भूलेपुर वासी पहलवान अजीमुलहक व जलालपुर के सुभाष राय का नाम विशेषतौर पर शामिल है।
पहलवान अजीमुलहक हक तो टिकट मिलने के बाद पहली बार वर्ष 2002 में टांडा से और वर्ष 2007 में दूसरी बार लगातार चुनाव हारे लेकिन इसके बावजूद सभी के विरोध को दर किनार करते हुए नेताजी ने वर्ष 2012 में उन्हें फिर से टिकट देकर चुनाव लड़ाया और इस बार पहलवान अजीमुलहक ने 27 हजार से जीत हासिल कर मुलायम के भरोसे को टूटने से बचाया। हालांकि वर्ष 2017 के चुनाव में वह पुन: मामूली अंतर से भाजपा की संजू देवी से पराजित हुए।
इसी तरह जलालपुर सीट पर विधानसभा के आम चुनावों में लगातार दो बार टिकट पाने वाले सपा नेता पहलवान सुभाष राय का टिकट भी ऐन मौके पर कट गया था। बाद में वर्ष 2019 में नेताजी के निर्देश पर ही उन्हें उपचुनाव में पुन: टिकट देकर चुनाव लड़ाया गया जिसमें उन्होंने जीत हासिल की।