अंबेडकरनगर। जय माता दी व जय मां दुर्गा के जयकारों के बीच मंगलवार से चैत्र नवरात्र पर्व की शुरुआत होगी। सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन का दौर शुरू हो जाएगा। इस बीच एक दिन पहले ही पर्व को लेकर तैयारियां पूरी हो गईं। मंदिरों की विशेष साफ-सफाई के साथ ही भव्य रूप से साज सजावट कर दी गई तो लोगों ने संबंधित बाजारों में पहुंचकर पर्व से संबंधित सामग्रियों की खरीदारी की।
चैत्र नवरात्र पर्व का उल्लास जिले में एक दिन पहले ही चहुंओर दिखने लगा। मंदिरों में साफ-सफाई व साज-सजावट का कार्य सोमवार को ही पूरा कर लिया गया। अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा स्थित गायत्री मंदिर के पुजारी विद्यासागर पांडेय ने कहा कि सोमवार देर शाम विधि-विधानपूर्वक मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना कर दी गई। नौ दिनों तक सुबह शाम आरती होगी। साथ ही अंतिम दिन हवन पूजन के साथ ही भंडारे का आयोजन होगा।
प्रधान डाकघर के सामने स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी माधवप्रसाद तिवारी व दोस्तपुर रोड स्थित काली मंदिर के पुजारी अवधेश दास ने कहा कि प्रत्येक दिन सुबह शाम आरती होगी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भागीदारी करेंगे। इससे पहले मंदिर की विशेष साफ-सफाई का कार्य एक दिन पहले ही पूरा कर लिया।
इसके अलावा अकबरपुर रेलवे स्टेशन के निकट स्थित दुर्गा मंदिर, इल्तिफातगंज मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर, बस स्टेशन क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर के अलावा आलापुर, जलालपुर, भीटी, बसखारी, टांडा, कटेहरी, महरुआ, अहिरौली, अन्नावां, शुकुलबाजार, रामनगर, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों की विशेष साफ सफाई व आकर्षक ढंग से साफ-सफाई का कार्य पूरा हो गया।
घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता
पंडित बाबूराम तिवारी ने कहा कि चैत्र नवरात्र की शुरुआत नौ अप्रैल से होगी जो 17 को संपन्न होगी। इस बार चैत्र नवरात्र में माता दुर्गा की सवारी घोड़ा है। पंचांग गणना के अनुसार जब नवरात्र की शुरुआत मंगलवार व शनिवार को होती है तो मां दुर्गा की सवारी अश्व होता है। यह समाज के लिए अच्छा संदेश होता है। कहा कि अंतिम दिन माता रानी हाथी पर बैठकर प्रस्थान करेंगी। माता रानी का हाथी पर प्रस्थान करना बहुत ही शुभ संकेत है।
नौ दिनों का होगा नवरात्र
पंडित बाबूराम ने कहा कि कभी कभी दो तिथियां एक ही दिन पर होने के चलते आठ दिन का नवरात्र होता है। इस बार नवरात्र नौ दिनों का होगा। नौ अप्रैल को प्रथम स्थापना के दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। इसी प्रकार 10 अप्रैल को ब्रम्हचारणी, 11 अप्रैल को चंद्रघंटा, 12 अप्रैल को कूष्मांडा, 13 अप्रैल को स्कंद माता, 14 अप्रैल को कात्यायनी, 15 अप्रैल को कालरात्रि, 16 अप्रैल को महागौरी व 17 अप्रैल को मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाएगी।