अंबेडकरनगर। जिले केे 1062 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा एक से तीन तक के बच्चे इस बार मोबाइल एप पर खेल खेल में अपनी तिमाही की परीक्षा देंगे। पहली बार आयोजित होने वाली इस परीक्षा में एक लाख से अधिक नौनिहाल हिस्सेदारी करेंगे। परीक्षा के दौरान वह कापी पेंसिल की जगह मोबाइल पर उंगुलियां फेर कर परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देते दिखेंगे।
निपुण भारत मिशन अभियान के तहत शासन द्वारा लागू की नई परीक्षा योजना के तहत इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिए तीन शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मास्टर ट्रेनर बनकर आने वाले यह शिक्षक जिले के अन्य शिक्षकों को इस बारे में प्रशिक्षित कर एप के बारे में जानकारी देंगे। शिक्षक के मोबाइल पर अपलोड सरल एप पर ही प्रश्रपत्र होंगे, जिस पर छात्र को बुलाकर उसके द्वारा बहु विकल्पीय प्रश्नों के उत्तर पर टिक लगवाया जाएगा।
इसी एप के माध्यम से मूल्यांकन भी होगा। इसके लिए निपुण भारत मिशन योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए विशेषतौर पर सरल एप तैयार कर मोबाइल में अपलोड किया जाएगा।
इसका उद्देश्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा को करना है। इसके तहत ही विद्यालयों में जहां पहले वर्ष में मात्र दो बार परीक्षा होती थी, वहीं उसे बढ़ाकर अब चार बार कर दिया गया है। यह परीक्षा तीन-तीन माह पर होगी।
नई शिक्षा नीति के तहत प्रथम चरण की परीक्षा सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में होनी है। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग से लेकर शासन तक ने तैयारी तेज कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सुरेश तिवारी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक से तीन तक के छात्र-छात्राओं को अब लिखित या मौखिक परीक्षा नहीं देनी होगी। यह परीक्षा अब उन्हें सरल एप पर देना होगी। इसके लिए प्रत्येक शिक्षक के मोबाइल पर सरल एप को अपलोड किया जाएगा।
लखनऊ में मिलेगा प्रशिक्षण
एप के कुशल संचालन के लिए आगामी 13 सितंबर को राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ में सरल एप को लेकर शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण आयोजित होगा। इस प्रशिक्षण में जिले के तीन शिक्षक भागीदारी करेंगे। प्रशिक्षण में न सिर्फ शिक्षकों के मोबाइल पर एप को अपलोड किया जाएगा, बल्कि उन्हें इसके संचालन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। बीएसए कार्यालय के अनुसार प्रशिक्षण हासिल करने वाले शिक्षक जिले में आकर शेष सभी शिक्षकों को एप अपलोड कराने के बाद उसके बारे में जानकारी देंगे।
सरल एप के माध्यम से परीक्षा होने से कक्षा एक से तीन तक के बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी। उन्हें संबंधित विषय से जुड़ी विस्तृत जानकारी होने पर ही वह एप के माध्यम से सुचारु रूप से परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। इस कार्ययोजना को अमल में लाने की कवायद तेज हो गयी है।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए