विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा के जुड़वा कस्बे मुबारकपुर में समिति के तत्वावधान में शनिवार को राम विवाह महोत्सव का रामलीला मंचन किया गया। शीलनगर के राजा की पुत्री पर नारद सम्मोहित हो गए। सुंदर स्वरूप पाने के लिए उन्होंने तप किया तो इंद्रदेव घबरा गए। उन्होंने अप्सराओं और कामदेव को तपस्या भंग करने का आदेश देकर भेज दिया।
कामदेव ने माया फैलाई और धनुष से पुष्पवर्षा की। अप्सराओं ने नृत्य कर नारद का ध्यान भंग कर दिया। भगवान विष्णु ने अपने भक्त के मोह को देखा तो उन्होंने भी सुंदर रूप मांगने वाले नारद को वानर का रूप दे दिया, जिससे उनकी शादी नहीं हुई। जब राजकुमारी ने नारद को वरमाला नहीं पहनाई तो स्वयंवर में किसी ने नारद को अपना मुंह दर्पण में देखने को कहा। अपना चेहरा देखने के बाद उन्होंने भगवान विष्णु को श्राप देते हुए कहा कि मैं स्वयंवर में जिस स्वरूप के कारण अपमानित महसूस कर रहा हूं, एक दिन आपको भी इसी स्वरूप के आगे हाथ जोड़ना होगा। इस दृश्य के बाद जय श्रीराम के उद्घोष के साथ समापन होता है। इसे देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ नजर आई। रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप मांझी ने बताया कि आगे भी रामलीला का मंचन आकर्षक रहेगा।