गोविंदसाहब मेले में लगे पशु बाजार में मवेशियों को खरीदने के लिए आए लोग।
अंबेडकरनगर। पूर्वांचल के ऐतिहासिक गोविंद साहब मेले में लगने वाली मवेशियों की बाजार में राजस्थानी बकरी की मांग अधिक है। 20 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक में बिकने वाली राजस्थानी बकरियों की पशुपालक बढ़ चढ़कर खरीदारी कर रहे। इसके अलावा नैनी नस्ल की भैंस भी पशुपालकों की पहली पसंद बनी हुई है।
एक माह तक चलने वाले गोविंदसाहब मेले में एक तरफ खजला मिठाई, बर्तन, फर्नीचर, गर्म कपड़े समेत कई अन्य प्रकार की दुकानें लगी हैं, तो वहीं मवेशियों की भी बाजार पशुपालकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही। अलग-अलग प्रदेशों से पशुपालक तमाम नस्ल के बकरे, खच्चर व भैंस मेले में लाकर बिक्री कर रहे हैं।
इन दिनों सबसे अधिक मांग राजस्थानी बकरी व बकरे की हो रही। राजस्थान के पशुपालक अरविंद कुमार ने कहा कि राजस्थानी बकरी व बकरा 20 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक में बिक रहा है। बकरी की विशेषता यह है कि सामान्य बकरी से अधिक दूध देती है। इसके अलावा बकरे का वजन भी लगभग एक क्विंटल तक होता है। एक अन्य पशुपालक हरियाणा के गोविंददास ने कहा कि नैनी नस्ल की भैंस पशुपालकों की पहली पसंद है। इस भैंस का दाम 50 हजार रुपये से लगभग एक लाख 60 हजार रुपये तक है। इसके अलावा राजस्थानी भैंस की भी बिक्री हो रही है।
सोमवार को भी अंबेडकरनगर के अलावा इर्दगिर्द के जनपद जौनपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर, गाजीपुर, मऊ समेत अन्य जनपदों से पहुंचे पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर मवेशियों की खरीदारी की।