अंबेडकरनगर। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने पति को सात वर्ष जबकि सास-ससुर को पांच-पाच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपियों पर अलग-अलग अर्थदंड भी लगाते हुए कहा गया कि इसका भुगतान न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मामला वर्ष 2007 का अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र का है। सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर थाना अंतर्गत मारुखपुर निवासी रामप्रकाश ने दर्ज कराए केस में कहा था कि उसने अपनी बहन का विवाह छह वर्ष पूर्व इमामपुर निवासी संजय से किया था।
विवाह के बाद से ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। दो फरवरी को उसकी बहन को ससुराल में जलाकर मार डाला गया। पुलिस ने पति संजय कुमार, ससुर मिश्रीलाल व सास कलावती पर केस दर्ज कर लिया। हालांकि यह केस कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसी मामले में अब वादी की तरफ से एडीजीसी दिलीप कुमार सिंह तथा वरिष्ठ अधिवक्ता नरसिंह नारायन सिंह ने अदालत के सामने तथ्य रखे।
एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने पति संजय को दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
ससुर मिश्रीलाल व सास कलावती को पांच-पांच वर्ष के साधारण कारावास तथा 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। तीनों पर अन्य धाराओं में पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।