टांडा। बसपा नेता जुरगाम मेंहदी हत्याकांड के गवाह हरसम्हार निवासी हिस्ट्रीशीटर शकील की मंगलवार शाम बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद बदमाश फरार हो गए।
हरसम्हार बाजार में मंगलवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब गांव निवासी शकील (48) सपर अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया। शाम साढ़े 6 बजे करीब शकील पान खाने के लिए घर के पास स्थित एक दुकान पर पहुंचा। वहां वह कुछ लोगों से बात कर ही रहा था कि एक बाइक पर सवार दो बदमाश हीरापुर की तरफ से वहां पहुंचे। बाइक रुकते ही पीछे बैठे बदमाश ने शकील पर गोली चला दी। हमला करने के बाद दोनों बदमाश हंसवर की तरफ भाग निकलने में कामयाब हो गए।
इधर, शकील के गले में दो गोली लगने से वह मौके पर गिर पड़ा। उसे आननफानन में पहले टांडा सीएचसी फिर जिला अस्पताल भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ टांडा अमरबहादुर ने मौके पर पहुंचकर जरूरी छानबीन की, जबकि इससे पहले हंसवर थाने के अलावा टांडा, अलीगंज व आलापुर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को सम्हाला। बाद में एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र व एएसपी अवनीश कुमार मिश्र भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों की छानबीन के बीच ही जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने शकील को मृत घोषित कर दिया।
बीते हुए बहुचर्चित बसपा नेता जुरगाम हत्याकांड में शकील गवाह था। मामले में हरसम्हार निवासी माफिया सरगना खान मुबारक मुख्य अभियुक्त है। क्षेत्र में चर्चा है कि बसपा नेता हत्याकांड में गवाही न देने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था। शकील का आपराधिक रिकार्ड भी है। वह पहले माफिया सरगना खान मुबारक का फाइली था, लेकिन पिछले कुछ समय से वह उससे अलग हो गया था। शकील हंसवर थाने में हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज है। उसके विरुद्ध कुछ आठ मुकदमें कायम हैं। एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि गोली मारकर हत्या की गई है। मामले में छानबीन की जा रही है। केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।
शकील को गोली मारे जाने की खबर मिलते ही जनपद पुलिस पूरी तरह इस मामले को लेकर सक्रिय हो गई। न सिर्फ कई थानों की फोर्स को अधिकारियों ने मौके पर भेज दिया वरन अलग अलग नजदीकी थाना क्षेत्रों में बदमाशों की घेराबंदी भी शुरू हो गई। एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र के निर्देश पर थानों के पुलिस कर्मियों ने सघन जांच अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक बदमाश पकड़ में नहीं आ सके।
शकील की हत्या मामले में रेकी की पुरजोर आशंका स्थानीय लोगों को लग रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि शकील अक्सर घर से कम निकलता था। उसने सुरक्षा के लिए घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा भी लगवा रखे थे। मंगलवार शाम को वह घर के निकट दूसरी पटरी पर स्थित पान की दुकान पर पहुंचा ही था कि कुछ ही पल में वहां बदमाश पहुंच गए। इसके बाद बदमाशों ने ताबड़तोड़ एक के बाद एक दो गोली चलाकर उसका काम तमाम कर दिया। बदमाश इतने पेशेवर थे कि गोली शकील के गले में ही लगी। उधर शकील के पुत्र फैसल ने रोते पीटते कहा कि उसके पिता को धमकी मिली थी। रेकी भी हो रही थी। पुलिस को यह बताया भी गया था। इसके बावजूद यह घटना हो गई।