अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर के गदायां मोहल्ले में करीब सात वर्ष पूर्व भूमि विवाद में गोली मारकर की गई हत्या के मामले में दोषी दो सगे भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम निरुपमा विक्रम ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 35-35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आदेश में कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा करने पर 6-6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
गौरतलब है कि अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के गदायां निवासी मोहम्मद अली ने 12 दिसंबर 2011 को कोतवाली में गोली मारकर हत्या की धाराओं में केस दर्ज कराया था। पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह अपने चचेरे भाई मोहम्म आलम के साथ मोहल्ले की अपनी भूमि को जेसीबी मशीन से समतल करा रहा था। इसी बीच सियाराम वर्मा व जियाराम वर्मा निवासी गदायां ने जान से मारने की नीयत से अपने छत पर चढ़कर ललकराते हुए असलहे से गोली चला दिए। गोली उस लगने के साथ ही उसके चचेरे भाई मोहम्मद आलम को कई जगह लगी। बाद में मोहम्मद आलम की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करते हुए आरोपी दोनों सगे भाईयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ।
वादी की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने न्यायाधीश के समक्ष कई ऐसे सुबूत वह गवाह पेश किया। सत्र परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम निरुपमा विक्रम ने पाया कि घटना विरल से विरलतम मामले की श्रेणी में आता है। दोनों अभियुक्तों पर हत्या सहित अन्य आरोप सिद्घ होते हैं। न्यायाधीश ने दोषी सगे दोनों भाइयों को शुक्रवार को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर अलग अलग धाराओं में कुल 35-35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दोनों अभियुक्तों को 6-6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।