एनएच के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे की राशि बढ़ाए जाने की मांग को लेकर हुए आंदोलन व मार्ग जाम मामले में दो दिन पूर्व एक महिला को जेल भेज दिए जाने से उसकी दुधमुंही बच्ची की हालत बिगड़ गई। पुलिस व प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने दोषी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच पुलिस के अनुसार संबंधित महिला समेत जेल भेजे गए सभी चार आरोपियों को जमानत मिल गई है। गौरतलब है कि बसखारी से होकर वाराणसी तक जाने वाले नेशनल हाईवे निर्माण में प्रभावित होने वाले किसान भूमि के मुआवजे की राशि बढ़ाए जाने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। किसानों का कहना है कि आजमगढ़ जनपद की तरह ही उन्हें भी मुआवजा दिया जाए।
इसी मांग को लेकर किसानों ने दो दिन पूर्व बसखारी थाना क्षेत्र के बुकिया अहिरूपुर के निकट मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया था। कई थानों की फोर्स तथा पीएसी बल के साथ पहुंचे टांडा व आलापुर एसडीएम ने समुचित प्रक्रिया का आश्वासन देकर मार्ग जाम समाप्त कराया था।
बाद में मार्ग जाम, हंगामे व महिला पुलिस कर्मियों से मारपीट के आरोप में पुलिस ने रीना निषाद समेत एक अन्य महिला व दो पुरुषों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें शनिवार को जेल भेज दिया गया था। इस बीच रीना की एक दुधमुंही बच्ची की तबियत बिगड़ गई। परिवारीजनों के अनुसार उन्होंने उसी दिन पुलिसकर्मियों से अनुरोध किया कि था कि रीना ने ऐसा कुछ नहीं किया है।
उसे जेल भेजने पर उसकी बच्ची परेशान हो जाएगी लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक न सुनी और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस बीच रीना की बच्ची की तबियत खराब होने पर परिवारीजन उसे लेकर सोमवार को बसखारी के सरकारी अस्पताल पहुंचे। पिता ज्ञानसागर ने बताया कि उसकी बेटी का चिकित्सकों ने इलाज किया और दवा देकर वापस भेजा।
पिता ने कहा कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जिस तरह की संवेदनहीनता दिखाई है, उसके चलते ही उसकी मासूम बेटी की तबियत खराब हुई। ऐसा रवैया दिखाने व मनमानी करने वाले लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई तय होनी चाहिए। उधर मां को जेल भेजे जाने के बाद दुधमुंही की हालत बिगड़ने से लोगों में प्रशासन के रवैये को लेकर खासा आक्रोश भी दिखा।
सोमवार अपराह्न रीना समेत सभी चार आरोपियों को एसडीएम आलापुर न्यायालय से जमानत मिल गई। हालांकि देर शाम तक महिला व अन्य की रिहाई नहीं हो पाई थी। मामले में एसडीएम विनय कुमार ने बताया कि पुलिस ने चार आरोपियों को पेश किया था। उन्होंने इस पर उन्हें नियमानुसार न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था। सोमवार को निर्धारित व सामान्य प्रक्रिया के तहत ही सभी को जमानत दे दी गई।