एटीएम सेवा पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को भी इसका समुचित लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल सका। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर एटीएम के शटर कैश न होने के चलते नहीं खुल सके। लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाते रहे। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद से ही जिले में एटीएम सेवा बेपटरी हो गई है।
जिले में 40 से अधिक एटीएम ऐसे हैं जिनके शटर नोटबंदी के बाद से कैश न होने के चलते नहीं खुल सके। बदतर एटीएम सेवा का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। जिला मुख्यालय पर ही एसबीआई, एचडीएफसी व एक्सिस बैंक के पांच एटीएम से ही धन-निकासी हो सकी। इनमें भी दो फैजाबाद रोड व पटेलनगर स्थित एसबीआई एटीएम से दोपहर तक ही धन-निकासी हो सकी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलालपुर, आलापुर, टांडा व भीटी तहसील क्षेत्रों में शुक्रवार को मात्र छह एटीएम निकली। महरुआ व भीटी क्षेत्र में एसबीआई, कारपोरेशन बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा के आठ एटीएम ऐसे हैं, जिनके शटर नोटबंदी के बाद से ही नहीं खुल सके।
अकबरपुर के उपभोक्ता रामसहाय, भीटी के जगदीश व जलालपुर के मंशाराम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तैयारी नहीं थी तो नोटबंदी करने की आवश्यकता ही क्या थी। एक तो सुचारु रूप से धन-निकासी नहीं हो पा रही है। उधर एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एटीएम सेवा को पूरी तरह बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।