अंबेडकरनगर के जलालपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर।
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जलालपुर। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर ने कहा है कि राजभर समाज को वास्तविक सम्मान सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है। वे रविवार को नगर के रामलीला मैदान में महाराजा सुहेलदेव की याद में आयोजित सभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुरहुरपुर में सुहेलदेव के किले एवं भूमि पर अनाधिकृत ढंग से एक वर्ग का धार्मिक स्थान बना देने पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि जन्म स्थान को बचाने के लिए हमें खड़ा होना पड़ेगा वरना इतिहास भी माफ नहीं करेगा।
पिछड़ा वर्ग मंत्री ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार सभी वर्गों का तेजी से विकास तय कर रही है। आम नागरिकों को उनका हक दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि अब तक जो भी सरकारें आईं, उन्होंने राजभर समाज को सिर्फ गुमराह करने का काम किया। उनके वोट हासिल किए, लेकिन उनके हितों का ध्यान नहीं रखा। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से राजभर समाज को सर्वाधिक सम्मान व भागीदारी दी जा रही है।
महाराजा सुहेलदेव की भव्य मूर्ति स्थापित कर योगी सरकार ने जो सम्मान दिया है, वह इतिहास के अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया और कहा कि शिक्षा पर भी पर्याप्त ध्यान देना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकिशोर राजभर, जबकि संचालन बाबूराम राजभर ने किया। जनसभा को टांडा विधायक संजू देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा, महामंत्री मिथिलेश त्रिपाठी, नगर अध्यक्ष संजीव मिश्र, शिवपूजन राजभर, सुनील राजभर, संतलाल राजभर व भीमसेन आदि ने संबोधित किया।
किले के विवाद को मिली हवा
कुछ दिनों से सुरहुरपुर में एक धार्मिक स्थल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक पक्ष के अनुसार महाराजा सुहेलदेव के किले की भूमि सुरहुरपुर में स्थित है। वहां लॉकडाउन के दौरान एक वर्ग के नागरिकों ने चुपके से धार्मिक स्थल का निर्माण करा लिया। इसे लेकर वहां तनाव की स्थिति भी व्याप्त हो गई, जिससे प्रशासन ने सभी पक्षों के जाने पर रोक लगा दी है। मामले की जांच पुरातत्व विभाग ने शुरू कर रखी है। इस बीच रविवार को जलालपुर पहुंचे मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बीते दिनों जब वे वाराणसी के दौरे पर जा रहे थे तो सुरहुरपुर स्थित सुहेलदेव की जन्म स्थली देखने गया। वहां यह देखकर दंग रह गया कि सैय्यद मसूद सलार गाजी के अनुयायियों ने वहां अवैध ढंग से कब्जा कर लिया है। यदि सुहेलदेव के जन्म स्थान को बचाना है तो हमें एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा नहीं तो इतिहास भी हमें माफ नहीं करेगा।