विकास भवन स्थित मनरेगा का कार्यालय।
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बकाया मजदूरी न चुकाने के कारण करीब 400 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाला सरकारी काम काज पूरी तरह से ठप पड़ा है। एक माह से भी ज्यादा का समय बीत जाने के बावजूद जिले की 902 ग्राम पंचायतों में सक्रिय 1.20 लाख मनरेगा मजदूरों की 19.69 करोड़ की मजदूरी का भुगतान बकाया पड़ा है। मजदूरी का भुगतान न होने से मनरेगा के जॉब कार्डधारक अब मजदूरी के काम से किनारा कसने लगे हैं। इससे अधिकांश पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों का संचालन बाधित है।
तमाम कोशिश के बावजूद जिले में मनरेगा योजना पटरी पर नहीं आ पा रही है। इससे पूर्व मनरेगा कार्य से जुड़ी सामग्रियों की खरीद के लिए शासन से धनराशि न मिल पाने के कारण भी 902 ग्राम पंचायतों में पक्के कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गए थे। इससे मनरेगा मजदूरों को मांग के अनुरूप कार्य भी न मिल पाने की परेशानी होने लगी थी।
जिले की 902 ग्राम पंचायतों में 2.15 लाख मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं। इसमें से 1.20 लाख जॉब कार्डधारक ही पूरी तरह सक्रिय हैं। आठ माह के लंबे इंतजार के बाद शासन से सामग्रियों के लिए धनराशि मिलने पर मनरेगा मजदूरों में रोजगार मिलने की उम्मीद बंधी थी। इसके बाद ज्यादातर पंचायतों में पक्का कार्य भी शुरू हो गया था। अब कार्य करने वाले मनरेगा मजदूरों को समय से मजदूरी का भुगतान न हो पाने का संकट आ खड़ा हुआ है।
एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद मनरेगा मजदूरों को अपनी मजदूरी का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते ही जिले की 902 ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरी के बतौर 19.69 करोड़ का मजदूरी भुगतान नहीं हो पाया है। मजदूरी न मिलने से अब मनरेगा मजदूरों ने निर्माण स्थल पर कार्य करने से किनारा कसना शुरू कर दिया है। इसी कारण वर्तमान में लगभग 400 ग्राम पंचायतों में सरकारी स्तर पर हो रहा काम काज पूरी तरह ठप है।
त्योहार से पहले हो बकाया भुगतान
अकबरपुर विकास खंड क्षेत्र के मनरेगा मजदूर मुंशीराम, जगदेव व रमेश कुमार ने बताया कि उन्हें बीते एक माह से अधिक समय से मजदूरी नहीं मिल सकी है। मजदूरी भुगतान न होने से एक तरफ जहां घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है तो वहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। यदि शीघ्र ही भुगतान न हुआ तो परिवार के समक्ष भरण पोषण तक का संकट खड़ा हो जाएगा। अंजलि, कुटुरा व सुदामा ने कहा कि यदि मजदूरी का भुगतान न हुआ तो आने वाले दिनों में मनाए जाने वाले रक्षाबंधन व जन्माष्टमी समेत अन्य पर्व की खुशियां कैसे मना सकेंगे।
लगभग एक माह से मजदूरी भुगतान नहीं हो सका है। उम्मीद है कि शीघ्र ही शासन से मजदूरी भुगतान के लिए बकाया धनराशि मिल जाएगी। इसके बाद मनरेगा मजदूरों को उनके बकाया का भुगतान कर दिया जाएगा। राजेंद्र प्रसाद मिश्र, मनरेगा उपायुक्त