अंबेडकरनगर। अकबरपुर क्षेत्र रुकनुद्दीनपुर बनगवां में जमीन पर कब्जा करने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। गांव के राधेश्याम यादव ने अकबरपुर के सपा विधायक रामअचल राजभर और उनके समर्थकों पर बृहस्पतिवार को कब्जा करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि विधायक व उनके समर्थक लाठी-डंडे और पिस्टल लेकर पहुंचे और मेड़बंदी करने लगे। इस दौरान एक समर्थक पर फायरिंग का भी आरोप लगा है।
रुकनुद्दीनपुर बनगवां के राधेश्याम का आरोप है कि वर्ष 1979 में उनके पिता स्व. शोभाराम ने कयामद्दीनपुर निवासी मंजूर हुसैन से तीन बीघा 17 बिस्वा जमीन का बैनामा कराया था। जमीन पर कब्जा न मिलने के बाद शोभाराम ने सिविल कोर्ट अयोध्या में वाद दायर किया था जिसके बाद 1988 में उनके पक्ष में डिग्री हुई। बार-बार शिकायत के बावजूद कब्जा नहीं मिलने पर शोभाराम के निधन के बाद उनके बेटे राधेश्याम यादव ने दिसंबर 2025 में सिविल कोर्ट अकबरपुर में डिग्री के अनुपालन के लिए इजराय दाखिल किया। 26 मई 2026 को न्यायालय ने प्रशासन को जमीन पर कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया। उसी दिन कोर्ट अमीन की मौजूदगी में अकबरपुर पुलिस ने राधेश्याम यादव को जमीन पर कब्जा दिलाया।
आरोप है कि इस कब्जे के बाद बृहस्पतिवार की सुबह करीब सात बजे विधायक रामअचल, संजय राजभर, रक्षाराम राजभर और उनके समर्थक लाठी-डंडे और पिस्तौल लेकर जमीन पर पहुंचे और दोबारा कब्जा करने के प्रयास में मेड़बंदी करने लगे। राधेश्याम यादव का आरोप है कि विधायक के करीबी रक्षाराम राजभर ने अपनी पिस्तौल से पांच राउंड फायर किया।
वहीं, विधायक रामअचल राजभर ने कब्जा व फायरिंग के आरोपों को निराधार बताया है। विधायक का कहना है कि देश विभाजन के समय इम्तियाजुन निशा व अन्य खातेदार पाकिस्तान चले गए थे। विवाद जमीन की कस्टडी उनके परिवार के सदस्यों को दी गई थी। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी ने बताया कि कब्जे व फायरिंग का कोई प्रमाण नहीं मिला है। मामले की जांच की जा रही है जिसके आधार पर कार्रवाई होगी।