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खेती के साथ बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे मित्रसेन

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अंबेडकरनगर के आलापुर में बऽों को नि:शुल्क कोचिंग देते मित्रसेन यादव। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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राजेसुल्तानपुर। आलापुर तहसील क्षेत्र के किसान मित्रसेन यादव खेती किसानी करने के साथ-साथ बच्चों के भविष्य रूपी फसल में ज्ञान की खाद डालने का काम कर रहे हैं। तीन अलग-अलग स्थानों पर वे करीब 250 बच्चों को एक-एक घंटे की नि:शुल्क कोचिंग प्रतिदिन देते हैं। शिक्षक पद से सेवानिवृत्त पिता से मिली सीख व शिक्षिका पत्नी उनके इस मंसूबे को पंख लगाने में मददगार हो रही हैं। गरीबों और मुसीबत में फंसे नागरिकों की मदद को हर पल तैयार रहने वाले मित्रसेन की अब क्षेत्र में एक अलग पहचान बन चुकी है। उनके इस सकारात्मक कार्य में क्षेत्र के दो अन्य युवा भी सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में वह तीनों मिलकर कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने में जुटे हैं।
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लगभग 40 वर्षीय मित्रसेन यादव मूल रूप से किसान हैं। पॉलिटेक्रिक व स्नातक तक की शिक्षा हासिल करने वाले मित्रसेन की पत्नी शिक्षिका हैं। पिता चंद्रभान रिटायर्ड शिक्षक हैं। आलापुर तहसील क्षेत्र के कस्तूरीपुर गांव निवासी मित्रसेन मूल रूप से किसानी करते हैं। इसके साथ वह पिछले करीब 5 वर्ष से बच्चों को कोचिंग के तौर पर नि:शुल्क शिक्षा देने का काम भी करते आ रहे हैं। स्थानीय रामपुर गांव में सतीराम के घर सुबह साढ़े 7 से साढ़े 8 बजे तक करीब 50 बच्चों को कोचिंग पढ़ाते हैं।
इसके अलावा सिंघलपट्टी बाजार में अपने निजी मकान पर शाम 4 से 5 बजे तक 100 बच्चों को तथा आराजी देवारा में अर्जुन के घर लगभग 95 बच्चों को शाम साढ़े 5 से साढ़े 6 बजे तक बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देते हैं। खास बात यह कि इनकी इस कोचिंग में कक्षा 6 से 12 तक के बच्चे अंग्रेजी, गणित व विज्ञान सहित अन्य विषयों को पढ़ने के लिए आते हैं। पांच वर्ष से लगातार मित्रसेन अपने इस कार्य को अंजाम देते आ रहे हैं। कृषि कार्य करने के साथ ही वह बच्चों को न सिर्फ नि:शुल्क शिक्षा देते हैं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय समय पर आवश्यक शिक्षा सामग्री भी उपलब्ध कराते रहते हैं।
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उनके इस सराहनीय कार्य में बिंद्रेश कुमार, आकाश कुमार, अर्जुन कुमार के अलावा सलोनी भी सहयोग कर रही हैं। तीनों स्थानों पर आयोजित इस नि:शुल्क कोचिंग सेंटर में इन युवाओं द्वारा भी बच्चों को शिक्षा दी जाती है। मित्रसेन के इस सकारात्मक कार्य की चहुंओर चर्चा हो रही है। मौजूदा समय में उनकी पहचान एक समाज सेवक के रूप में हो चुकी है और वे पूरे लगन से अपने इस काम को कर भी रहे हैं।
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