अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में मौजूद मनरेगा मजदूर।
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मनरेगा मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर मनरेगा मजदूर कल्याण समिति का कलेक्ट्रेट के समक्ष चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को भी जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। मनरेगा मजदूरों की अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी।
सरकार की उदासीनता के कारण ही मजदूरों को कई मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। धरने का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष राम अदालत वर्मा ने कहा कि मनरेगा मजदूर लंबे समय से उपेक्षा के विरोध में आवाज उठा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इसके कारण मनरेगा मजदूरों को न तो पर्याप्त काम मिल रहा है और न ही समय पर भुगतान। मनमानी का आलम यह है कि मनरेगा मजदूरों से कराया जाने वाले आंशिक कार्यों की मजदूरी भी नहीं चढ़ाई जा रही है। इससे मनरेगा मजदूर खासे परेशान हैं।
इसके लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई न होने से मनमानी पर अंकुश नहीं लगा। अनशन पर बैठे मजदूरों ने महंगाई को देखते हुए मजदूरी 174 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये किए जाने की मांग की। मनरेगा मजदूरों के बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा देने के लिए कोटा निर्धारित करने की मांग की।
बैंकों में मनरेगा मजदूरों के लिए अलग से काउंटर खोले जाने व सभी मनरेगा मजदूरों का नाम बीपीएल सूची में दर्ज कराने की भी मांग उठाई। धरने में जिलाध्यक्ष विमलेश पटेल के अलावा लक्ष्मी, अरुण कुमार, अजमत अली, रामकरन, इंद्रेश, रामरती आदि मौजूद रहे।