कड़ाके की ठंड के चलते शुक्रवार को भी लोगों को गलन भरी ठंड से जूझना पड़ा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर तक धूप नहीं निकली। इसके बाद धूप तो निकली लेकिन उसका कोई खास असर ठंड पर नहीं दिखा। सबसे ज्यादा मुश्किल पछुआ हवा से हुई।
बढ़ती कड़ाके की ठंड से जहां आम जनजीवन प्रभावित रहा। बाजारों की रौनक पर भी असर पड़ा। दोपहर तक जहां बाजारों में भीड़ नहीं रही। शाम होने के साथ ही सन्नाटा छा गया। जरूरी काम पड़ने पर ही लोग बाजारों तक पहुंच रहे हैं। ठंड का असर चाय पान की दुकानों पर भी साफ देखा जा रहा है।
ठंड की सबसे अधिक मार गरीब तबके के लोगों पर पड़ रही है। प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर पर्याप्त अलाव न जलवाए जाने से रिक्शा चालकों को खासी मुश्किल हो रही है। रिक्शा चालक या तो स्वयं अलाव की व्यवस्था करते हैं, या फिर ठिठुुरने को विवश होते हैं।
अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर मिले रिक्शा चालक चंटू व मनोहर ने बताया पेट पालने की मजबूरी के चलते ही ठंड में भी रिक्शा चलाना पड़ रहा है। अकबरपुर बस स्टेशन के निकट ठंड से कांप रहे रिक्शा चालक जियालाल यात्रियों के आने का इंतजार कर रहे थे। अलाव न जलवाए जाने को लेकर उन्होंने ने भी नाराजगी जाहिर की।