आलापुर। प्रसिद्ध गोविंद साहब मेले की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। 24 दिसंबर को गोविंद दशमी के मौके पर होने वाले मुख्य स्नान से मेले का शुुभारंभ होगा। कोरोना संक्रमण के चलते पहले श्रद्धालुओं को दर्शन मार्ग पर लगी कोविड हेल्प डेस्क में जांच करानी होगी। इसके बाद ही मठ व मंदिरों में दर्शन की अनुमति मिल सकेगी। इस बीच मंगलवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम आलापुर धीरेंद्र श्रीवास्तव मेला परिसर पहुंचे और तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही जरूरी निर्देश भी दिए।
गौरतलब है कि ऐतिहासिक गोविंद साहब का मेला 24 दिसंबर को गोविंद दशमी के मौके पर शुरू होगा। यह ऐतिहासिक मेला न सिर्फ जिले में वरन अन्य जिलों में भी प्रसिद्ध है, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं। हालांकि, इस बार कोरोना संक्रमण को देेखते हुए प्रशासन कई सावधानियां बरतने की कोशिश में लगा हुुआ है। न सिर्फ कई मनोरंजन के साधनों को अनुमति देने से सीधे मना कर दिया गया है वरन मेला परिसर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का दर्शन मार्ग पर लगे कोविड हेल्प डेस्क में जांच भी कराना होगा। इसके बाद ही मंदिरों व मठों में पूजन अर्चन की छूट दी जाएगी।
इस बीच मंगलवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम आलापुर धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव मेला परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने तैयारियों का जायजा लिया और मंदिर में प्रवेश के लिए बैरिकेडिंग लगाने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने काम कर रहे मजदूरों से गोविंद सरोवर के चारों तरफ बांस बल्ली लगाकर प्रवेश बंद किए जाने का भी आदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस बार मंदिर में आने व जाने के मार्ग अलग अलग होंगे। दो गज दूरी का पालन करते हुए लोग दर्शन पूजन करेंगे। इतना ही नहीं कोरोना के चलते इस बार श्रद्धालु सरोवर में स्नान नहीं कर पाएंगे। जिला प्रशासन के निर्देश पर सरोवर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर मेला अवधि तक इसमें स्नान करने पर रोक लगा दी गई है। बताया कि इस बार मेले में आर्केस्ट्रा का प्रबंधन नहीं होगा। एसडीएम ने बताया कि निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का प्रबंध किया जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।