अंबेडकरनगर। गांवों में रहकर श्रमिकों को रोजगार देने के लिए मनरेगा योजना का संचालन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों का पलायन रोका जा सके। पहले इस योजना के तहत लोगों को जहां खूब काम मिलता था, वहीं उनको मजदूरी भी समय से मिल जाया करती थी। इधर कुछ समय से जिले के मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी का पैसा नहीं मिला है। इससे इन परिवारों की अब आर्थिक दशा खराब हो रही है।
चार माह से मजदूरी का भुगतान न मिलने के बाद उम्मीद थी कि वित्तीय वर्ष के समापन पर श्रमिकों का भुगतान हो जाएगा, लेकिन मार्च महीना भी बीत गया। मनरेगा श्रमिकों को 64 लाख से अधिक का भुगतान बकाया है। जिम्मेदारों का कहना है कि शासन स्तर से बजट नहीं आया है। इसलिए समस्या आ रही है।
जल्द दिलाई जाएगी मजदूरी
श्रमिकों को मजदूरी दिलाने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। नये वित्तीय वर्ष में बजट मिलने की उम्मीद हे। बजट मिलते ही सभी का बकाया भुगतान कराया जाएगा। -विजय अस्थाना, डीसी मनरेगा