हालांकि जिला मुख्यालय पर अभी भी तमाम कनेक्शन अवैध ढंग से चल रहे हैं। उन कनेक्शनों को नियमित कर उन पर मीटर लगाए जाने को लेकर विभाग अभी भी पूरी तरह सक्रिय नहीं हो सका है। विभाग के मुताबिक अकबरपुर नगर में कुल 13 हजार उपभोक्ताओं को कनेक्शन मिला हुआ है और इन सभी के घरों व प्रतिष्ठानों पर मीटर लगा दिए गए हैं।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शहरी क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं का मीटर लगाए जाने का निर्देश दिया था। इसके लिए 29 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी। आयोग के निर्देश के बाद जिला मुख्यालय पर मीटर लगाए जाने का कार्य प्रारंभ हुआ, लेकिन इसकी गति काफी धीमी थी।
इस बीच निर्धारित समय सीमा समाप्त हो गई लेकिन सभी उपभोक्ताओं के मीटर नहीं लग पाए। वैसे तो विभाग ने सभी उपभोक्ताओं का मीटर लगा दिए जाने का दावा किया है, लेकिन हकीकत इससे परे है। अभी भी तमाम कनेक्शन अवैध ढंग से चल रहे हैं। ऐसे कनेक्शनों को वैध करने एवं उन पर मीटर लगाए जाने की सुध विभाग को नहीं है।
विभाग के मुताबिक अकबरपुर नगर में कुल 13 हजार उपभोक्ताओं को विद्युत कनेक्शन मिला हुआ है। इन सभी के घरों या फिर दुकानों पर मीटर लगा दिए गए हैं, लेकिन यह आंकड़ा सिर्फ कागजों पर ही सही दिखता है। जिस प्रकार से जिला मुख्यालय पर बिजली की खपत हो रही है, उसे देखते हुए विभाग के आंकड़ों के सापेक्ष कहीं अधिक लोग बिजली का प्रयोग कर रहे हैं।
विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़ी संख्या में लोग कटिया कनेक्शन के सहारे बिजली का उपयोग कर विभाग को राजस्व का चूना लगा रहे हैं। इस प्रकार के अवैध कनेक्शनों को नियमित करने को विभाग द्वारा समय समय पर अभियान तो चलाया जा रहा है, लेकिन वह बहुत अधिक प्रभावी नहीं हो रहा है।
कड़ी कार्रवाई न होने के चलते ऐसे लोग धड़ल्ले से बगैर कनेक्शन के ही बिजली का प्रयोग कर रहे हैं। इसका खामियाजा उन उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने वैध कनेक्शन ले रखा है। अब जबकि ऐसे कनेक्शनों को वैध करने एवं मीटर लगाने की समयावधि समाप्त हो चुकी है।
ऐसे में अवैध ढंग से बिजली का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई की संभावना कम ही है।उधर अधिशाषी अभियंता विद्युत मुकेश बाबू ने बताया कि अंतिम दिन 29 जुलाई को 17 कनेक्शन पर विद्युत मीटर लगाए गए। एक जुलाई से अंतिम दिन तक कुल 267 मीटर लगे।
सभी वैध उपभोक्ताओं के घरों पर अब मीटर लगाएश जा चुके हैं। चोरी से बिजली प्रयोग करने वालों को अब दायरे में लेकर उन पर सख्त कार्रवाई आगे सुनिश्चित की जाएगी।