दूसरे चरण के अभियान में टांडा, बसखारी, रामनगर व जहांगीरगंज विकास खण्डों के 1 हजार 293 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन दिवस का आयोजन कर बच्चों का वजन लिया गया। हालांकि रामनगर व टांडा विकास खंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के बहिष्कार के चलते वजन दिवस अभियान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
अभियान को लेकर लापरवाही का आलम यह रहा कि कुछ केंद्रों का ताला ही नहीं खुला, तो कहीं प्रचार प्रसार के अभाव में कम लोग अपने बच्चों का वजन कराने केंद्रों पर पहुंचे। इतना ही नहीं, अभियान का जायजा लेने के लिए विभाग के प्रमुख अधिकारी ही नहीं निकल सके।
बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए शासन के निर्देश पर वजन दिवस के दूसरे चरण में भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लापरवाही का माहौल रहा। दूसरे चरण में जिले के टांडा, बसखारी, रामनगर व जहांगीरगंज विकास खंड के 1 हजार 293 केंद्रों पर वजन दिवस का आयोजन हुआ। इन केंद्रों पर सवा लाख से अधिक बच्चों का वजन कराया जाना था।
टांडा व रामनगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के वजन दिवस के बहिष्कार किए जाने एवं बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन किए जाने का प्रतिकूल प्रभाव अभियान पर पड़ा। अभियान को सकुशल निपटाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने का ही नतीजा रहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री के न आने से कुछ केंद्र का ताला ही नहीं खुल सका।
अभियान का पहला चरण विगत 7 सितंबर को अकबरपुर, कटेहरी, भीटी, जलालपुर व शहरी क्षेत्रों के 1 हजार 255 केंद्रों पर 1 लाख 29 हजार 61 बच्चों का वजन किया गया था। इसमें 4 हजार 263 अतिकुपोषित व 17 हजार 381 बच्चे कुपोषित पाए गए थे। पहले चरण में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने प्रदर्शन कर अभियान का बहिष्कार किया था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए 46 सेक्टर मजिस्ट्रेट को लगाया गया था। बताया कि जिन केंद्रों पर वजन दिवस को लेकर लापरवाही बरती गई है, उस केंद्र से संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। छूट हुए बच्चों को 11 व 14 सितंबर को वजन किया जाएगा। साथ ही 15 सितंबर को रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।