अंबेडकरनगर। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का एलान किया है। इसी क्रम सोमवार शाम बसखारी मार्ग पर कैंडल मार्च निकाला गया। छह अक्तूबर को ‘नो मनी, नो इंडेंट’ के तहत वितरक न तो तेल कंपनियों के खाते में भुगतान करेंगे और न ही गैस का इंडेंट भेजेंगे।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि 26 अक्तूबर को देशभर के एलपीजी वितरक दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है। इससे एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
वितरकों की प्रमुख मांगों में होम डिलीवरी और प्रशासनिक शुल्क (कमीशन) में 75 रुपये की तत्काल वृद्धि, ई-केवाईसी के लिए प्रति उपभोक्ता 236 रुपये का भुगतान और एलपीजी उपभोक्ताओं पर पीएनजी लेने की अनिवार्य शर्त संबंधी आदेश वापस लेना शामिल है।
एसोसिएशन ने सार्वजनिक तेल कंपनियों के अधिकारियों पर वितरकों के माध्यम से चूल्हा, रबर ट्यूब, फायरवॉल, ट्रॉली, चायपत्ती समेत अन्य उत्पादों की बिक्री कराने का आरोप लगाते हुए इसे रोकने की मांग की है। 5 और 19 किलोग्राम के सिलेंडरों की जबरन बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश कपूर, जिला महामंत्री बलराम गौतम, रामपाल यादव, जिला उपाध्यक्ष डॉ. हिमांशु कुमार गुप्ता, अजय कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।