अंबेडकरनगर। वाराणसी से कोर्ट मैरिज करने जिला न्यायालय आए अलग-अलग समुदायों के एक युवक और युवती को वाराणसी की सिगरा थाना पुलिस हिरासत में लेकर वापस लौट गई है। इस बीच, एक हिंदूवादी नेता ने बसखारी थाने में तहरीर देकर किछौछा के गेस्ट हाउसों में धर्मांतरण का गिरोह सक्रिय होने का आरोप लगाया है।
आलापुर के शाहपुर बनगवा निवासी शनि प्रकाश पांडेय ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि किछौछा क्षेत्र में संचालित कुछ गेस्ट हाउसों और खानकाहों में अवैध गतिविधियां चल रही हैं। उनका दावा है कि यहां हिंदू लड़कियों को लाकर उनका धर्मांतरण कराया जाता है।
तहरीर के अनुसार, 21 अप्रैल को वाराणसी के नदेसर निवासी रुस्तम खान एक युवती को किछौछा लेकर आया था। आरोप है कि वहां युवती के साथ दुष्कर्म किया गया और कुछ मौलानाओं की मदद से उसका धर्मांतरण कराया गया। बुधवार को जब यह जोड़ा कोर्ट मैरिज की तैयारी में था, तभी उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।
बसखारी इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि वाराणसी के सिगरा थाने के उपनिरीक्षक शिवम मिश्रा और महिला आरक्षी की टीम दोनों को अपने साथ वाराणसी ले गई है। युवती ने अभी तक पुलिस के समक्ष कोई आधिकारिक बयान दर्ज नहीं कराया है।
सीओ नीतीश तिवारी ने बताया कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं। यह प्रकरण मूल रूप से वाराणसी के सिगरा थाने का है, जहां पहले से प्राथमिकी दर्ज है। किछौछा में धर्मांतरण और दुष्कर्म के जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी गहनता से जांच की जा रही है। जांच के तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।