जहांगीरगंज। मुंबई में हुए क्रेन हादसे में जहांगीरगंज क्षेत्र के ताराचक गांव निवासी राहुल मिश्रा (32) की दर्दनाक मौत होने के बाद बुधवार को शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
राहुल करीब पांच वर्ष से मुंबई में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक वह कुर्ला क्षेत्र के दीघा में रहकर ओम साईं कंपनी में काम करते थे। 17 अगस्त की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कंपनी परिसर में क्रेन के ऊपरी हिस्से में तकनीकी खराबी आने से उसका संतुलन बिगड़ गया। उस समय क्रेन के नीचे चार-पांच मजदूर काम कर रहे थे। खतरा भांपते ही राहुल उन्हें बचाने के लिए दौड़े और तीन मजदूरों को धक्का देकर सुरक्षित कर दिया, लेकिन खुद और एक अन्य मजदूर क्रेन के नीचे दब गए और मौत हो गई।
राहुल करीब एक माह पहले ही मुंबई गए थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। पत्नी दिव्या मिश्रा, मां जयंती देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। राहुल अपने पीछे डेढ़ वर्षीय बेटी सुप्रिया को छोड़ गए हैं। मासूम बेटी को पिता के शव के पास देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पिता दिवाकर मिश्रा के अलावा राहुल पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके भाई प्रिंस मिश्रा, अवधेश मिश्रा, अंकित मिश्रा और आनंद मिश्रा तथा बहन रीतू त्रिपाठी भी गहरे सदमे में हैं।