दोस्तपुर। बभनैया पश्चिम में चल रही श्रीमद्भगवत कथा में बुधवार शाम प्रवाचक श्रीकृष्ण ओझा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। प्रवाचक ने बताया कि कार्तिक माह में ब्रजवासी इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजा की तैयारी करते हैं, तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें इंद्र के बजाय गोवर्धन की पूजा करने की सलाह दी। इससे कुपित होकर इंद्र ने घनघोर वर्षा शुरू कर दी। इंद्र के घमंड को तोड़ने के लिए भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठा कर ब्रजवासियों की रक्षा की। इस दौरान फूलचंद्र अग्रहरि, सियाराम तिवारी, आदित्य मिश्रा, ज्ञान प्रकाश मिश्र सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।