अंबेडकरनगर। गणपति बप्पा मोरया के उद्घोष के बीच जिले में मंगलवार को ही गणेश चतुर्थी पर्व का उल्लास दिखने लगा। एक तरफ जहां मूर्तिकारों ने भगवान गणेश की मूर्तियों को तैयार कर लिया तो वहीं जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी जगह-जगह पूजा पंडालों की स्थापना मंगलवार शाम से प्रारंभ हो गई। 31 अगस्त को विधिविधान से मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की मूर्ति पूजा पंडालों में स्थापित कर पूजन-अर्चन व दर्शन के लिए पंडालों के पट खोल दिए जाएंगे।
गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में तैयारियां चरम पर पहुंच गईं। पर्व को लेकर चहुंओर उल्लास का माहौल दिखा। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच पूजा पंडालों की स्थापना का कार्य जहां मंगलवार शाम से प्रारंभ हो गया तो वहीं भगवान गणेश की मूर्तियों को भी मूर्तिकारों ने तैयार कर लिया।
अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर मूर्ति बनाने वाले केडी पाल ने कहा कि तीन हजार से पांच हजार रुपये तक की मूर्तियां तैयार की गई हैं। कुल 18 मूर्तियों की बुकिंग हुई है। मंगलवार देर शाम से संबंधित पूजा पंडालों की ओर से मूर्ति ले जाने का कार्य भी प्रारंभ हो गया।
उधर, जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह पूजा पंडालों को तैयार करने का काम मंगलवार शाम से शुरू हो गया। शहजादपुर के गुरुद्वारा गली में पूजा पंडाल के निर्माण में लगी पूजा समिति से जुड़े रवि कुमार ने कहा कि 31 अगस्त को विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर दर्शन के लिए पंडाल के पट खोल दिए जाएंगे।
अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर पूजा पंडाल को तैयार करने में जुटे रामजी ने कहा कि बुधवार दोपहर बाद पंडाल में मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर दी जाएगी। इसी प्रकार टांडा, भीटी, जलालपुर, आलापुर तहसील क्षेत्र में भी पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। उधर, पर्व के उल्लास में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए लोगों ने बाजारों में पहुंचकर पर्व से संबंधित सामग्रियों की बढ़-चढ़कर खरीदारी की।