टांडा (अंबेडकरनगर)। आईसीआईसीआई बैंक से हुई दुस्साहसिक लूट का पर्दाफाश करने में प्रदेश की तेज तर्रार मानी जाने वाली एसटीएफ को भी पसीने छूट रहे हैं। घटना के एक सप्ताह बाद भी विभिन्न जिलों की स्वाट टीम के साथ साथ एसटीएफ भी खाली हाथ है। पुलिस ने फिलहाल एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ जरूर रखा है, लेकिन अभी उसके बारे में कुछ भी कहने को पुलिस तैयार नहीं है। ऐसे में एसटीएफ समेत विभिन्न स्वाट टीमों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
बीते 27 अगस्त को दिनदहाड़े बदमाशों ने टांडा नगर के आईसीआईसीआई बैंक को लूट लिया था। दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर घटना को अंजाम देने की सफलता पाई थी। घटना के कुछ देर बाद अधिकारियों ने लगभग बीस लाख की लूट होने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में 38 लाख रुपए की लूट टांडा कोतवाली में दर्ज हुआ था।
तीन दिन बाद मामले में कैशियर द्वारा 50 लाख से अधिक की लूट होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन जनपद पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी मिलने या फिर दर्ज हुए केस में लूट की रकम बढ़ाए जाने से इंकार कर दिया था। पुलिस का कहना था कि मामले में विवेचना चल रही है। घटना के खुलासे के लिए उसी दिन ही एसटीएफ की एक टीम अंबेडकरनगर पहुंच गई थी। इर्द गिर्द के चार जनपदों की स्वॉट टीम को भी सहयोग के लिए लगाया गया। जनपद पुलिस की कई टीमें भी लगातार जुटी हुई हैं।
इसके बावजूद अभी तक कोई सफलता पुलिस को अभी तक नहीं मिल सकी है। यह हाल तब है, जबकि बाद में घटना का खुलासा तय करने के लिए एसटीएफ की एक अतिरिक्त टीम को भी बुला लिया गया था। इसके बाद भी घटना का खुलासा न होना एसटीएफ समेत स्वॉट टीम की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। पुलिस के हाथ फिलहाल टांडा का एक हिस्ट्रीशीटर लगा है, लेकिन पुलिस उसके सहारे कुछ सामने ला पाने की स्थिति में नहीं पहुंच पाई है। एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर काम चल रहा है। नतीजे जल्द से जल्द सामने होंगे।