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मन को भा रही चांदी के करवे की चमक

Sun, 16 Oct 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर करवा चौथ व्रत को लेकर चांदी का खरीद रही महिला। - फोटो : अमर उजाला
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करवाचौथ पर्व निकट आने के साथ ही जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। चांदी के दाम में कमी होने के चलते इस बार महिलाओं में चांदी का करवा खरीदने को लेकर अधिक उत्साह है तो जयपुरी व स्टोन की साड़ियां महिलाओं के बीच अपनी गहरी पैठ बनाए हुए हैं।
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इसके अलावा मिट्टी, तांबा व स्टील के करवा की भी बाजार में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं, तो सींक व कैलेंडर की भी महिलाएं जमकर खरीदारी कर रही हैं। पर्व के निकट आने के साथ ही विभिन्न प्रकार की आकर्षक डिजाइनों की मेहंदी लगाने के लिए नवविवाहिताओं का ब्यूटी पार्लर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। 

पति की दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखने के लिए करवाचौथ पर्व के निकट आने के साथ ही सुहागिनों में उत्साह बढ़ने लगा है। पर्व से संबंधित आवश्यक सामग्रियों की खरीद के लिए उनका जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे-बड़े बाजारों में सुबह से ही पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक चलता रहता है।
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महिलाओं के रुख को देखते हुए बाजारों में पर्व से संबंधित सामग्रियों की दुकानें जगह-जगह सज गई हैं। आमतौर पर मिट्टी, तांबा व स्टील का करवा खरीदने वाली महिलाओं में इस बार चांदी का करवा खरीदने को लेकर अधिक दिलचस्पी है। कारण यह कि विगत वर्ष की अपेक्षा इस बार चांदी के दाम में कमी होने से करवा के दाम में भी नरमी आई है।

विगत वर्ष चांदी का दाम जहां 46 हजार रुपये प्रति किग्रा था, वहीं इस बार घटकर 41 हजार रुपये प्रति किग्रा पहुंच गया है। शहजादपुर के युवा सराफा व्यवसाई विशू सोनी ने बताया कि आकर्षक डिजाइनों के चांदी के करवे साढ़े तीन से 10 हजार रुपये तक की रेंज के हैं। सराफा कारोबारी राजकुमार सेठ ने बताया कि विगत वर्ष के सापेक्ष इस बार चांदी के करवा की बिक्री अधिक हो रही है।

इसके अलावा मिट्टी के करवा 20 से 80 रुपये, तांबा के करवा 250 से एक हजार रुपये तथा स्टील के करवा 200 रुपये से डेढ़ हजार रुपये तक बिक रहे हैं। पूजा में प्रयोग होने वाला सींक पांच से 10 रुपये, तो कैलेंडर पांच से 60 रुपये तक बिक रहा है। इसके अलावा पर्व के निकट आते ही मेहंदी की भी बिक्री तेज हो गई है। कोन मेहंदी की मांग अधिक होने के चलते इसके दाम में भी वृद्धि हुई है।

विगत वर्ष जहां कोन मेहंदी 10 रुपये से 50 रुपये तक प्रति कोन बिक रही थी, वहीं इस बार 15 रुपये से 60 रुपये तक बिक रही है। हालांकि इसकी खरीदारी पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ रहा है। एक तरफ महिलाएं जहां स्वयं ही विभिन्न डिजाइनों की मेहंदी लगा रही हैं, वहीं नवविवाहिताएं आकर्षक डिजाइनों की मेहंदी लगवाने के लिए ब्यूटी पार्लर का रुख कर रही हैं।

 पर्व के मद्देनजर बाजारों में अलग-अलग रेंज की आकर्षक साड़ियों की दुकानें भी सज गई हैं। इस बार महिलाओं के बीच जयपुरी व स्टोन की साड़ियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए दुकानदारों ने अलग-अलग रेंज की साड़ियां मंगा रखी हैं।

साड़ी व्यवसाई राकेश ने बताया कि जयपुरी साड़ी की रेंज 500 रुपये से 15 हजार रुपये तक की है तो स्टोन साड़ी भी 700 रुपये से 10 हजार रुपये तक में बिक रही है। इसके अलावा सूट की भी खरीदारी जमकर की जा रही है। टांडा थाना क्षेत्र निवासिनी नवविवाहिता सीमा ने बताया कि उन्होंने स्टोन साड़ी की खरीदारी की है। अकबरपुर की सरोज व दिव्या ने कहा कि उन्होंने जयपुरी साड़ी की खरीदारी की है।
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