अंबेडकरनगर। गर्मी की छुट्टी शुरू होते ही रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने लगी है। लोग परिवार के साथ पर्यटन स्थल, रिश्तेदारियों में और पैतृक घर जाने की योजना बन रहे हैं। ऐसे में लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों के लिए जबरदस्त मारामारी देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि अधिकांश नियमित ट्रेनों में एक से दो माह पहले ही आरक्षण पूर्ण हो चुका है और अब यात्रियों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली, जम्मू, कोलकाता, देहरादून, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अवकाश के दौरान बच्चों को लेकर यात्रा करने वाले परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती कन्फर्म टिकट प्राप्त करना है। यात्रियों को राहत देने के लिए अभी तक क्षेत्र से कोई समर स्पेशल ट्रेन संचालित नहीं की गई है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है।
रेलवे आरक्षण केंद्रों और ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी टिकटों की भारी मांग बनी हुई है। कई ट्रेनों में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकेंड एसी श्रेणी की सीटें पहले ही भर चुकी हैं। ऐसे में यात्रियों को वेटिंग टिकट लेकर यात्रा की उम्मीद लगानी पड़ रही है। जिन लोगों को आरक्षण नहीं मिल पाया, वे जनरल डिब्बों का सहारा लेने को मजबूर हैं, जहां पहले से ही भारी भीड़ उमड़ रही है।
बोले यात्री
टांडा निवासी अंजना ने बताया कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले दून एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया था, लेकिन अब तक टिकट कन्फर्म नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ लंबी यात्रा में अनिश्चितता और परेशानी दोनों बनी हुई हैं। वहीं शहर निवासी ऋषभ ने बताया कि बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में ननिहाल छोड़ने जाना है। उन्होंने बताया कि आरक्षण न मिलने के कारण अब जनरल डिब्बे में यात्रा करनी पड़ सकती है, लेकिन वहां की भीड़ देखकर चिंता बढ़ गई है।
ट्रेनों की स्थिति 10 जून तक
कैफियत एक्सप्रेस- 45 वेटिंग
कोलकाता एक्सप्रेस- 67 वेटिंग
दून एक्सप्रेस- 71 वेटिंग
सद्भावना एक्सप्रेस- रिग्रेट
साबरमती एक्सप्रेस- रिग्रेट
फरक्का एक्सप्रेस-रिग्रेट
जम्मू तवी एक्सप्रेस- रिग्रेट
गर्मी की छुट्टियों से बढ़ा दबाव
स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों के कारण यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस रूट पर कोई समर स्पेशल ट्रेन संचालित नहीं की जा रही है, जिससे नियमित ट्रेनों पर दबाव अधिक बना हुआ है।