अंबेडकरनगर। महरुआ के रामबाबा बिजली घर के मेढ़वा रघुवंशी गांव में शनिवार को बिजली का फाॅल्ट ठीक करते समय संविदा लाइनमैन समर बहादुर यादव (30) करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
महरुआ के हीडीपकड़िया निवासी समर बहादुर रामबाबा बिजली घर में संविदा लाइनमैन के पद पर तैनात हैं। शनिवार दोपहर करीब एक बजे मेढ़वा रघुवंशी गांव में डिस्क पंचर होने की जानकारी मिलने पर वह उसे ठीक करने गए थे। 11 हजार बिजली लाइन के डबल पोख पर चढ़ने के दौरान करंट की चपेट में आकर वह झुलस गए। हादसे के बाद फीडर ट्रिप होकर बंद हो गया। इसकी जानकारी देने के लिए एसएसओ विनोद कुमार ने जब लाइनमैन को फोन किया तो वहां से गुजर रहे एक ई रिक्शा चालक ने फोन उठाकर करंट से घायल होने की सूचना दी।
इसके बाद बिजली घर के जेई अन्य बिजलीकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और निजी वाहन से समर बहादुर को जिला अस्पताल ले गए। वहां, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर और फिर ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। बिजली विभाग का कहना है कि फाॅल्ट ठीक करते समय लाइनमैन ने सुरक्षा यंत्र पहन रखे थे। ऐसे में यह सवाल उठता है कि लाइनमैन को फाॅल्ट ठीक करते समय करंट कैसे लगा। क्या एसएसओ ने शटडाउन नहीं दिया था, यदि दिया था तो यह घटना कैसे हुई। अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि करंट लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
अकबरपुर के बैरमपुर बरवा बिजली घर के मिर्जापुर में मई 2026 में ट्रांसफाॅर्मर के फाॅल्ट को ठीक करने के दौरान संविदाकर्मी लाइनमैन दयाशंकर की गलत शटडाउन जारी होने के कारण करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में एसएसओ की गलती निकली थी और परिजनों ने गैरइरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जलालपुर के बड़ागांव में 25 सितंबर 2026 की सुबह 11 हजार विद्युत लाइन पर गिरी पेड़ की डाल हटाते समय बांस के डंडे में करंट उतरने से संविदा लाइनमैन विपिन मौर्य (26) की मौत हो गई। हादसे के दौरान शटडाउन न लिए जाने की बात सामने आई थी। बिजली विभाग के अफसरों ने मामले की जांच कराने का दावा किया था।