अंबेडकरनगर। कहीं क्षतिग्रस्त तार टूट गया तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गया। नतीजा यह रहा कि करीब 40 हजार की आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारने को मजबूर होना पड़ा। इससे उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक समस्या गुरुवार सुबह पेयजल को लेकर हुई। लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। उधर, बदतर बिजली आपूर्ति के दौर से जूझ रहे उपभोक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते जर्जर उपकरणों को नहीं बदला गया तो गर्मी के मौसम में बड़ी समस्या हो सकती है।
घना कोहरा छंटने के बाद चली सर्द हवाओं ने ठंड तो बढ़ाई ही उपभोक्ताओं की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। दरअसल, जिले के कई क्षेत्रों में तार इतने जर्जर हो चुके हैं कि हल्की हवा चलने पर ही टूट जाते हैं। उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से बिजली उपलब्ध कराने के दावे तो बढ़-चढ़कर पॉवर कॉरपोरेशन करता है, लेकिन ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। जर्जर तारों के टूटने व ओवरलोड ट्रांसफार्मर के फुंकने का खामियाजा आमतौर पर उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ता है। बुधवार रात भी उपभोक्ताओं को बदतर बिजली आपूर्ति के दौर से गुजरने को मजबूर होना पड़ा।
सर्द हवा चलने से महरुआ भीटी मार्ग पर दो स्थानों जर्जर तार टूट गया। नतीजा यह है कि इससे संबंधित क्षेत्र के एक दर्जन गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। नतीजा यह रहा कि पूरी रात लगभग 15 हजार की आबादी पूरी रात बिजली का इंतजार करती रही। इसी प्रकार जलालपुर बसखारी मार्ग पर ओवरलोडेड चल रहा ट्रांसफार्मर बुधवार रात फुंक गया। इससे लगभग 5 हजार की आबादी को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। टांडा बसखारी मार्ग व जलालपुर रफीगज मार्ग पर भी जर्जर हो चुका तार टूट गया। इससे संबंधित क्षेत्र की लगभग 20 हजार की आबादी प्रभावित हुई। संबंधित क्षेत्र में आई गड़बड़ी को गुरुवार दोपहर तक दूर की जा सकी। इससे उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बदतर बिजली आपूर्ति के चलते संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुरुवार सुबह पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ा। उपभोक्ता रमेशचंद्र व अनुराग ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बदतर विद्युत आपूर्ति के लिए उन्हें गुरुवार सुबह एक एक बाल्टी पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ा। उपभोकी्ता इस्माइल व जगन्नाथ ने कहा कि ठंड के मौसम के चलते रात में तो कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन गुरुवार सुबह पेयजल की व्यापक समस्या हुई। उन्हें एक एक बाल्टी के लिए एक हैंडपंप से दूसरे हैंडपंप तक की दौड़ लगाने को मजबूर होना पड़ा।
ग्रामीण क्षेत्र की बात दूर जिला मुख्यालय पर ही बुधवार रात से बिजली के आवागमन का जो दौर शुरू हुआ, वह गुरुवार को भी पूरे दिन जारी रहा। इससे नगर के उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ी। मीरानपुर के दीप कुमार व मोहम्मद रईस ने कहा कि बिजली की बार बार ट्रिपिंग होने के चलते काफी दिक्कत हुई। वेल्डिंग का कार्य करने वाले जगराम ने कहा कि बार बार बिजली की कटौती से सुचारु रूप से कार्य नहीं हो सका। कहा कि अभी तो बिजली की अधिक खपत नहीं है। यदि समय रहते जर्जर हो चुके उपकरणों को दुरुस्त नहीं किया जाता, तो गर्मी के मौसम में व्यापक मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
गड़बड़ियों के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। हालांकि, समय रहते फॉल्ट दूरकर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
- वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता, विद्युत उपकेंद्र, अकबरपुर