बसखारी। बिजली की समस्या से जूझ रहा विश्व प्रसिद्घ किछौछा दरगाह क्षेत्र समेत आसपास की करीब 30 हजार आबादी के लिए खुशखबरी है। बसखारी विकास खंड के खसरोपुर ग्राम पंचायत में करीब आठ करोड़ की लागत से बनकर तैयार 10 एमबी क्षमता का उपकेंद्र 48 घंटे में शुरू हो जाएगा। तकनीकी टीम ने उपकेंद्र में स्थापित 5-5 एमबी क्षमता के दोनों ट्रांसफार्मरों का तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है। सब कुछ सही रहा तो मंगलवार को प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी जाने लगेगी। इसके बाद लो वोल्टेज व अन्य समस्याओं से जूझ रहे उपभोक्ताओं को निजात मिलने की उम्मीद है।
किछौछा क्षेत्र में बिजली की समस्या से लंबे समय से जूझ रहे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। ओवरलोडिंग के चलते अक्सर उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इससे निजात दिलाने के लिए सूबे की सरकार ने प्रयास शुरू किए। इसी कड़ी में बसखारी विकास खंड की भी समस्या को सरकार ने संज्ञान लिया। खसरोपुर ग्राम पंचायत में 10 एमबी क्षमता के बिजली उपकेंद्र की स्थापना की घोषणा की गई।
इसके लिए करीब आठ करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। आईपीडीएस योजना के तहत शुरु हुए इस कार्य की जिम्मेदारी सत्य साईं बिल्डर्स को सौंपी गई। शासन की सख्ती का परिणाम ही रहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार पूरा कर लिया। उपकेंद्र पर पांच-पांच एमबी के दो ट्रांसफार्मर स्थापित करने के साथ ही अन्य उपकरण भी लग चुके हैं। अभियंता दीपक सूर्यवंशी व सुपरवाइजर विकास राठौर के मुताबिक, उपकें से द्रबिजली बहाल करने की प्रक्रिया चल रही है।
तकनीकी टीम ने उपकेंद्र के परीक्षण का काम शुरू कर दिया है। सब कुछ सही रहा तो मंगलवार को परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सफलतापूर्वक परीक्षण संपन्न होने के बाद विभाग को उपकेंद्र हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद विभाग उम्मीद के अनुरूप अगले 48 घंटे में उपभोक्ताओं को आपूर्ति बहाल करेगा। इससे प्रसिद्ध किछौछा दरगाह व आसपास के क्षेत्र की करीब 30 हजार की आबादी को सुचारु विद्युत आपूर्ति मिलेगी। उपकेंद्र पर दो फीडर किछौछा व दरगाह बनाया गया है। इससे उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज व अन्य समस्याओं से निजात मिलेगी।
खसरोपुर उपकेंद्र को शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। परीक्षण का कार्य तकनीकी टीम कर रही है। परीक्षण के बाद जल्द आपूर्ति शुरू की जाएगी। इससे आलापुर उपकेंद्र के मकोईया फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। इस फीडर पर उपभोक्ताओं का लोड कम हो जाएगा। इससे बेहतर विद्युत सुनिश्चित होगी।
- सुभाषचंद्र सागर, अधिशाषी अभियंता, आलापुर