बाराबंकी। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के बरायन पानापुर गांव में साढ़े तीन साल पहले महिला की हत्या में अदालत ने मृतका केे पति व उसकी भाभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर एक- एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की पूरी धनराशि से महिला केे दो बच्चों को पढ़ाया जाएगा। अब तक इन बच्चों का लालन पालन नाना ओंकार नाथ कर रहे थे।
रामसनेहीघाट के असेना निवासी ओंकारनाथ ने 18 मार्च 2022 को तहरीर देकर बताया था कि बेटी बबिता की शादी गांव बरायन पानापुर थाना टिकैतनगर निवासी दीपू गोस्वामी के साथ वर्ष 2011 की थी मगर दामाद के अवैध संबंध अपनी भाभी से थे। 16 मार्च 2022 की रात बबिता गायब हो गई। दामाद ने बताया कहीं गायब हो गई हैं। दो दिन बाद 18 मार्च 2022 को पुलिस ने बबिता का शव सरयू नदी के पीपा पुल पिता ने आरोप लगाया कि बेटी की हत्या उसके पति व भाभी ने की है। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार सिंह ने अभियुक्त पति दीपू गोस्वामी उसकी भाभी सुनीता को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और एक एक लाख रुपये के जुर्माना से दंडित किया।
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आधार कार्ड नहीं बनने पर खंड शिक्षा अधिकारी तलब
अदालत में बयान के दो बच्चों ने कहा कि आधार कार्ड के अभाव में उनका प्रवेश कक्षा पांच के बाद किसी स्कूल में नहीं हो सका। इस पर अदालत ने खंड शिक्षा अधिकारी को 24 सितंबर को तलब किया है। अधिकारी के कोर्ट में पेश होने के बाद मृतका के शिक्षा से वंचित बच्चो को कोर्ट के आदेश से आगे की पढ़ाई के लिए विद्यालय में प्रवेश निश्चित हो सकेगा।